नेपाल: जनकपुर में बालेन शाह की हुंकार, बोले—भाषण नहीं, काम करके दिखाऊंगा
काठमांडू। नेपाल के पूर्व मेयर और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेन्द्र शाह बालेन (Balendra Shah “Balen”) ने जनकपुरधाम में एक बड़ी चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान बालेन ने जोर देकर कहा कि वे केवल भाषण देने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि जमीन पर काम करने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने काठमांडू में किए गए अपने कार्यों का उदाहरण देते हुए जनता से काम करने का मौका मांगा।
जनकपुर को पर्यटन में आगे बढ़ाने का वादा
अपने संबोधन में बालेन ने कहा कि अयोध्या में प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ पर्यटक आते हैं, जबकि जनकपुर की जानकी माता में केवल 1 करोड़ पर्यटक ही पहुंचते हैं। राम-जानकी विवाह स्थल के रूप में विश्व प्रसिद्ध होने के बावजूद लोग डेस्टिनेशन वेडिंग (destination wedding) के लिए जयपुर या बाली जैसे स्थान चुनते हैं, क्योंकि सरकार ने मिथिला (Mithila) को आकर्षक बनाने में सफलता नहीं पाई।
प्रदेशों को सशक्त करने की रणनीति
संघीयता (federalism) पर बात करते हुए बालेन ने कहा कि RSP प्रदेशों को इतना सशक्त बनाना चाहती है कि उन्हें अधिकारों के लिए काठमांडू नहीं जाना पड़े। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता को काठमांडू केवल पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए जाना चाहिए, प्रशासनिक कामों जैसे तबादलों के लिए नहीं।
मेयर रहते हुए किए कार्यों का जिक्र
बालेन ने स्वीकार किया कि मेयर के रूप में कई बार उन्हें गन्ना किसान और मीटर ब्याज (meter interest) पीड़ितों के आंदोलनों में कानूनी रूप से मजबूर होकर काम करना पड़ा, लेकिन उन्होंने 35 पालिकाओं तक एम्बुलेंस सेवा पहुंचाई।
मेयर पद से इस्तीफा और प्रधानमंत्री पद की दावेदारी
काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बालेन शाह ने 5 मार्च को होने वाले चुनाव लड़ने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। बालेन झापा-5 सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, जहां उनका मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (K P Sharma Oli) से माना जा रहा है। इस कदम के बाद नेपाल की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। बालेन शाह को नेपाल में हुई क्रांति का मुख्य चेहरा भी माना जाता है।
नेपाली राजनीति में नई पीढ़ी की एंट्री
एक समय रैपर के रूप में पहचान बनाने वाले बालेन शाह ने 2022 में काठमांडू मेयर का चुनाव जीतकर राजनीति में नई सोच का संकेत दिया था। अब प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनना नेपाल की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत माना जा रहा है। झापा-5 की चुनावी जंग इस बार बेहद रोचक और निर्णायक मानी जा रही है।
