BH सीरीज नंबर प्लेट: एक नंबर, पूरे देश में आजादी; बार-बार रजिस्ट्रेशन के झंझट से मिलेगी राहत
नई दिल्ली। देश में नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले लोगों के लिए वाहन रजिस्ट्रेशन हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है। हर बार राज्य बदलने पर गाड़ी का दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता था, जिसमें समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। इसी समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने साल 2021 में BH सीरीज नंबर प्लेट की शुरुआत की, जिसे भारत सीरीज नंबर प्लेट भी कहा जाता है।
क्या है BH सीरीज नंबर प्लेट
BH सीरीज एक विशेष प्रकार की वाहन नंबर प्लेट है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वाहन मालिक अपनी गाड़ी को देश के किसी भी राज्य में बिना दोबारा रजिस्ट्रेशन कराए चला सकें। इसका मुख्य उद्देश्य बार-बार होने वाली कागजी प्रक्रिया और अतिरिक्त खर्च से राहत देना है। यही वजह है कि यह सुविधा खासकर ट्रांसफरेबल जॉब करने वाले लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
RTO के चक्कर से मिलेगी राहत
इस नंबर प्लेट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वाहन मालिकों को हर बार राज्य बदलने पर आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इसके साथ ही वे बिना किसी कानूनी परेशानी के देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी गाड़ी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
टैक्स भुगतान का अलग तरीका
BH सीरीज नंबर प्लेट में रोड टैक्स भुगतान की प्रक्रिया भी अलग है। जहां सामान्य नंबर प्लेट में एकमुश्त टैक्स देना होता है, वहीं BH सीरीज में टैक्स किस्तों में जमा किया जा सकता है। इससे वाहन मालिकों पर एक बार में आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।
किन लोगों को मिलती है यह सुविधा
यह सुविधा सभी के लिए उपलब्ध नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, रक्षा सेवाओं से जुड़े लोग और बैंक कर्मचारी आसानी से इसके पात्र होते हैं। निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उनकी कंपनी के कार्यालय कम से कम चार राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में हों। यह नंबर प्लेट केवल निजी वाहनों के लिए ही जारी की जाती है।
आवेदन प्रक्रिया है आसान
BH सीरीज नंबर प्लेट के लिए आवेदन करना भी सरल है। नई गाड़ी खरीदते समय ही ग्राहक डीलर को इसकी जानकारी दे सकता है। इसके बाद जरूरी दस्तावेज जमा किए जाते हैं और सत्यापन के बाद नंबर प्लेट जारी कर दी जाती है।
कुल मिलाकर, BH सीरीज नंबर प्लेट उन लोगों के लिए एक बड़ा राहतभरा विकल्प बनकर सामने आई है, जिन्हें काम या अन्य कारणों से बार-बार स्थान बदलना पड़ता है।
