₹1133.67 करोड़ की हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन, CM मोहन यादव ने उज्जैन से दिया सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को रफ्तार

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नई दिल्ली: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन स्थित कालिदास अकादमी में आयोजित भव्य कार्यक्रम में ₹1,133.67 करोड़ की लागत से बनने वाली हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही ₹47.23 करोड़ की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के जरिए ‘प्रोजेक्ट संवर्धन’ (मातृ एवं शिशु पोषण) का शुभारंभ भी किया। आयोजन से पहले उन्होंने जल आवर्धन परियोजना और क्षेत्रीय जल आपूर्ति व्यवस्था पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन तैयार, शुद्ध पेयजल की होगी सुनिश्चित व्यवस्था

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और उनके मार्गदर्शन में निर्मित महाकाल लोक ने उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि मोक्षदायिनी शिप्रा मैया की कृपा से उज्जैन अब सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में जुट चुका है। ₹1133.67 करोड़ की हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएगी। इससे न केवल आयोजन के समय बल्कि लंबे समय तक शहर के हर घर में जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सिंहस्थ 2028 का सफल प्रबंधन पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाएगा।

अंत्योदय के मार्ग पर सरकार, मातृ-शिशु स्वास्थ्य को नई दिशा

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ गरीब से गरीब व्यक्ति के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से उज्जैन जिले में ‘प्रोजेक्ट संवर्धन’ की शुरुआत की गई है, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान और सफाई कर्मचारियों को किट वितरण भी प्रतीकात्मक रूप से किया गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उज्जैन में आयुर्वेद का धनवंतरी इंस्टीट्यूट खोला जाएगा और प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से आयुर्वेद शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में जल्द बड़ी सौगात मिलने वाली है।

श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों का होगा तीर्थ विकास, धार्मिक नगरी में शराबबंदी लागू

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। उज्जैन, ओरछा समेत प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी लागू कर सरकार ने एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उज्जैन के पास रेडीमेड गारमेंट यूनिट शुरू होने से बहनों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

आकाशवाणी से गूंजेगा सिंहस्थ, 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशवाणी उज्जैन द्वारा बाबा महाकाल के कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाना गर्व का विषय है। सिंहस्थ से जुड़े समाचार भी आकाशवाणी के माध्यम से जन-जन तक पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ 2028 में दुनिया भर से श्रद्धालु उज्जैन आएंगे और क्षिप्रा के घाटों पर लगभग 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा रही है। रामघाट के पास एक छोटा और एक बड़ा पुल बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मार्च माह में उज्जैन में भव्य गीता भवन का लोकार्पण होगा। शीघ्र ही उज्जैन-इंदौर फोर लेन रोड का भूमिपूजन किया जाएगा और उज्जैन को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि ये सभी परियोजनाएं शहर के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।

 

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