चंद्रशेखर को बड़ा झटका, पूर्व सांसद अमीर आलम और बेटे नवाजिश ने छोड़ी आसपा; कांग्रेस में हुए शामिल
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आजाद समाज पार्टी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के कद्दावर नेता और कैराना लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद अमीर आलम तथा उनके बेटे और पूर्व विधायक नवाजिश आलम ने आजाद समाज पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। दोनों ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की मौजूदगी में अमीर आलम और नवाजिश आलम कांग्रेस में शामिल हुए। दोनों के आसपा छोड़ने के बाद से ही कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं चल रही थीं।
अमीर आलम पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में करीब चार दशक से सक्रिय रहे हैं। वहीं, उनके बेटे नवाजिश आलम बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की सक्रियता के बीच दोनों नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने को क्षेत्र की राजनीति में अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
थानाभवन सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा तेज
कांग्रेस में शामिल होने के बाद नवाजिश आलम की अगली राजनीतिक पारी को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। सियासी हलकों में चर्चा है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव में शामली जिले की थानाभवन विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की दावेदारी कर सकते हैं।
नवाजिश के पिता अमीर आलम का भी थानाभवन सीट से पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। गढ़ीपुख्ता निवासी अमीर आलम वर्ष 1985 में पहली बार थानाभवन से विधायक चुने गए थे। इसके बाद वर्ष 1989 में उन्होंने मोरना से विधानसभा चुनाव जीता और 1996 में एक बार फिर थानाभवन से विधायक बने। वह उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री भी रह चुके हैं।
इसके बाद अमीर आलम कैराना लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। बाद में वह समाजवादी पार्टी की ओर से राज्यसभा सदस्य भी रहे। वर्ष 2026 में उन्होंने आजाद समाज पार्टी से इस्तीफा दिया और अब कांग्रेस के साथ अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की है।
नवाजिश ने भी बदले कई राजनीतिक ठिकाने
नवाजिश आलम ने वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर बुढ़ाना विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था। वर्ष 2017 में उन्होंने मीरापुर सीट से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली।
वर्ष 2018 में नवाजिश आलम अपने पिता अमीर आलम के साथ राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हुए। इसके बाद वर्ष 2025 में दोनों नेताओं ने आजाद समाज पार्टी का दामन थामा था। अब दोनों ने आसपा से दूरी बनाकर कांग्रेस का रुख किया है।
पश्चिमी यूपी में कांग्रेस के लिए जुड़ा नया राजनीतिक नाम
अमीर आलम और नवाजिश आलम का कांग्रेस में शामिल होना ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन और सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटे हैं।
दोनों नेताओं की मुजफ्फरनगर और शामली क्षेत्र में राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए उनका कांग्रेस में जाना स्थानीय सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। उनके कांग्रेस में शामिल होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर भी निगाहें टिकी हैं।
