यूपी में यूरिया बिक्री पर बड़ा फैसला: खाद के साथ अन्य उत्पाद थोपना प्रतिबंधित, कंपनियों पर होगी सख्त कार्रवाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए कृषि विभाग ने यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब किसी भी किसान को यूरिया खरीदते समय गैर-जरूरी और महंगे उत्पाद लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने यह फैसला किसानों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया है।
टैगिंग पर पूरी तरह से लगा प्रतिबंध
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद के साथ अन्य उत्पादों, गैर-अनुदानित उर्वरकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों की जबरन बिक्री यानी टैगिंग अब पूरी तरह अवैध होगी। यूरिया आपूर्ति करने वाली कंपनियां अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स के जरिए किसानों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त उत्पाद नहीं थोप सकेंगी।
एक जनवरी से लागू हुआ आदेश
सरकारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध एक जनवरी से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। अब किसान केवल अपनी आवश्यकता के अनुसार अनुदानित उर्वरक ही खरीदेंगे। किसी भी प्रकार के अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव डालना कानूनन अपराध माना जाएगा।
रबी सीजन में बढ़ी थीं शिकायतें
वर्तमान रबी सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी और उत्पादों की टैगिंग को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आई थीं। शासन स्तर पर सात बार उर्वरक कंपनियों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं के साथ बैठकें कर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद शिकायतें बंद नहीं हुईं। इसके बाद सरकार ने सख्त निर्णय लेते हुए यह पूर्ण प्रतिबंध लागू किया।
गैर-अनुदानित उत्पादों की बिक्री भी बंद
आदेश के तहत उर्वरक विक्रय प्राधिकार-पत्र (लाइसेंस) में दर्ज सभी गैर-अनुदानित उत्पादों की आपूर्ति और बिक्री को प्रदेश में पूरी तरह रोक दिया गया है। अब कोई भी कंपनी यूरिया की आड़ में अपने अन्य व्यावसायिक उत्पाद उत्तर प्रदेश की सीमा में नहीं बेच सकेगी।
उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई कंपनी या विक्रेता आदेश का उल्लंघन करता है या यूरिया के साथ टैगिंग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
