किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! PM किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त आ सकती है इस तारीख को, ऐसे चेक करें अपनी लिस्ट
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के करोड़ों किसानों की नजर 22वीं किस्त पर टिकी हुई है। पिछली 21वीं किस्त जारी होने के बाद अब किसान नए कृषि सीजन से पहले आर्थिक मदद पाने के लिए उत्साहित हैं। सरकार की ओर से इस किस्त को लेकर इंतजार जारी है, ताकि समय पर किसानों के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर हो सके।
क्या है PM किसान सम्मान निधि योजना
पीएम किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए भारत सरकार की अहम पहल है। इस योजना के तहत हर साल किसान को 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है। साल में तीन किस्तों में प्रत्येक 2,000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। यह राशि किसान बीज, खाद, कृषि औजार और खेती से जुड़ी अन्य जरूरतों पर खर्च कर सकते हैं।
अब तक कितनी किस्तें मिल चुकी हैं
योजना के तहत अब तक 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को किसानों के बैंक खातों में पहुंची थी। आमतौर पर हर चार महीने में एक किस्त जारी होती है।
22वीं किस्त कब आने की संभावना
पिछली किस्त की तारीख को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि PM किसान योजना की 22वीं किस्त फरवरी 2026 के पहले या दूसरे हफ्ते में जारी हो सकती है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह राशि 8 फरवरी के आसपास किसानों के खातों में ट्रांसफर हो सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
किस्त का स्टेट्स कैसे चेक करें
किसान अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे ऑनलाइन स्टेट्स चेक कर सकते हैं। इसके लिए PM किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाना होगा। Farmers Corner सेक्शन में ‘Know Your Status’ विकल्प चुनें। आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर OTP वेरिफिकेशन करें। वेरिफिकेशन के बाद स्क्रीन पर पेमेंट स्टेट्स, बैंक डिटेल और FTO स्टेटस की जानकारी दिखाई देगी।
किस्त नहीं आई तो क्या करें
कभी-कभी तकनीकी कारणों या दस्तावेजों की कमी की वजह से किस्त अटक जाती है। आधार का बैंक खाते से लिंक न होना, e-KYC अधूरा होना, गलत बैंक डिटेल या राज्य स्तर पर अप्रूवल पेंडिंग होने के कारण भुगतान रुका रह सकता है। जरूरी सुधार करने के बाद आमतौर पर 2 से 4 हफ्तों के भीतर समस्या का समाधान कर राशि ट्रांसफर कर दी जाती है।
