एंजेल चकमा हत्याकांड में बड़ा मोड़, नेपाल फरार मुख्य आरोपी को भारत लाने की प्रक्रिया तेज; केंद्र को भेजी गई रिपोर्ट
देहरादून में 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा की नृशंस हत्या के मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य आरोपी के नेपाल फरार होने की पुष्टि के बाद देहरादून पुलिस ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी को जल्द भारत लाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को औपचारिक रिपोर्ट भेज दी गई है।
नेपाल से प्रत्यर्पण की तैयारी, केंद्रीय एजेंसियों को भेजी गई रिपोर्ट
देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि लोकल इंटेलिजेंस यूनिट की ओर से एंजेल चकमा हत्याकांड के मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी के नेपाल में छिपे होने की सूचना मिलने के बाद उसे भारत लाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है। पुलिस स्तर पर सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द देश वापस लाकर कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके।
मुख्यमंत्री माणिक साहा का बयान, परिजनों को न्याय का भरोसा
उधर, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सेलाकुई में हुई थी एंजेल की निर्मम हत्या
जानकारी के अनुसार, त्रिपुरा निवासी एंजेल चकमा 9 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में चाकू और अन्य धारदार हथियारों से किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही मामला संवेदनशील बन गया था और विभिन्न संगठनों ने इसे लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
अब तक 6 में से 5 आरोपी गिरफ्तार
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने ANI से बातचीत में बताया कि इस हत्याकांड में शामिल 6 आरोपियों में से 5 को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। यह घटना बेहद दुखद है और सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, छोटा भाई मानसिक तनाव में
मृतक के पिता तरुण देबबर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि उनका छोटा बेटा इस घटना के बाद से मानसिक रूप से बेहद परेशान है और ज्यादा बोल भी नहीं पा रहा है। मुख्यमंत्री ने न केवल न्याय का आश्वासन दिया है, बल्कि बेटे के भविष्य और रोजगार की संभावनाओं को लेकर भी सहयोग का भरोसा दिया है।
दिल्ली में सुनवाई और CBI जांच की मांग
ऑल इंडिया चकमा स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष दृश्यमुनि चकमा ने बताया कि संगठन ने निष्पक्ष और पारदर्शी सुनवाई के लिए मामले की सुनवाई दिल्ली में कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में चल रही जांच को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है, इसलिए CBI जांच और मुकदमे को दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी देने की मांग
चकमा स्टूडेंट्स यूनियन की ओर से यह भी मांग उठाई गई है कि मृतक के पिता को बीएसएफ अगरतला में नौकरी दी जाए और एंजेल के भाई माइकल को उसकी योग्यता के अनुसार राज्य सरकार में रोजगार का अवसर मिले। संगठन का कहना है कि इससे पीड़ित परिवार को कुछ हद तक सामाजिक और आर्थिक संबल मिल सकेगा।
बताया जा रहा है कि 9 दिसंबर की रात एंजेल चकमा पर कुछ बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया था। पुलिस इस जघन्य हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई तेज कर दी गई है।
