वीर बाल दिवस साहस, दृढ़ निश्चय और भक्ति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दिन

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को साहिबजादों के अनोखे बलिदान को श्रद्धा से याद किया। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस साहिबजादों के साहस, त्याग और बलिदान को याद करने का दिन है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किए गए एक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मौके पर माता गुजरी जी की अटूट आस्था और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की अमर शिक्षाओं को भी याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस साहस, दृढ़ निश्चय और भक्ति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दिन है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि साहिबजादों का जीवन और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने देशवासियों से उनके मूल्यों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। गौरतलब है कि सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार पुत्र थे – साहिबजादा अजीत सिंह, साहिबजादा जुझार सिंह, साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह। साहिबजादा अजीत सिंह और साहिबजादा जुझार सिंह 1705 में चमकौर की लड़ाई में मुगल सेना से लड़ते हुए शहीद हो गए। इसी तरह, छोटे साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को सरहिंद में इसलिए मार दिया गया क्योंकि उन्होंने इस्लाम अपनाने से मना कर दिया था। इसी गहरे दर्द के बीच माता गुजरी जी ने भी अपनी जान दे दी। साहिबजादों के इस महान बलिदान को भारतीय इतिहास में धर्म, सच्चाई और मानवीय मूल्यों की रक्षा के एक अनोखे उदाहरण के तौर पर याद किया जाता है। उनकी बहादुरी, बलिदान और अटूट विश्वास को श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल 26 दिसंबर को वीरबाल दिवस मनाया जाता है।

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