Calcium Foods: सिर्फ एक गिलास दूध से पूरी नहीं होगी कैल्शियम की जरूरत, डाइट में इन चीजों को जरूर करें शामिल
लखनऊ: कैल्शियम को मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। दूध और डेयरी उत्पाद इसके अच्छे स्रोत हैं, लेकिन केवल रोज एक गिलास दूध पीने से हर व्यक्ति की कैल्शियम जरूरत पूरी हो जाए, यह जरूरी नहीं है। उम्र और शारीरिक गतिविधि के अनुसार शरीर की जरूरत अलग हो सकती है। ऐसे में रोज की डाइट में दूध के साथ कैल्शियम से भरपूर दूसरे खाद्य पदार्थों को शामिल करना भी जरूरी है।
सिर्फ दूध पर निर्भर रहना क्यों सही नहीं?
बचपन से ही हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने के लिए दूध पीने की सलाह दी जाती है। दूध के अलावा दही, पनीर और छाछ भी कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। लेकिन दिनभर की कैल्शियम जरूरत को पूरा करने के लिए डाइट में रागी, बाजरा, सोया, टोफू, तिल, दाल, चना और कुछ हरी सब्जियों को भी शामिल किया जा सकता है।
मसलन, अगर कोई व्यक्ति रोज एक गिलास दूध पीता है तो उसे कैल्शियम जरूर मिलता है, लेकिन सिर्फ इसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं हो सकता। संतुलित आहार के जरिए अलग-अलग स्रोतों से कैल्शियम लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
तिल में भी भरपूर कैल्शियम
अगर आपकी डाइट में दूध या डेयरी उत्पाद कम हैं तो तिल कैल्शियम का अच्छा विकल्प हो सकता है। 100 ग्राम तिल में कैल्शियम की मात्रा दूध और पनीर की तुलना में अधिक बताई गई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रोजाना 100 ग्राम तिल खाना जरूरी है।
तिल को अपनी डाइट में कई तरीकों से शामिल किया जा सकता है। इसे सब्जी, चटनी, सलाद या रोटी के आटे में मिलाकर खाया जा सकता है। इसके अलावा तिल के लड्डू भी एक विकल्प हो सकते हैं।
कैल्शियम के साथ उसके एब्जॉर्बशन पर भी दें ध्यान
सिर्फ कैल्शियम से भरपूर खाना खाना ही काफी नहीं है, बल्कि शरीर में उसका सही तरीके से अवशोषण होना भी जरूरी है। इसमें विटामिन D की अहम भूमिका होती है। स्रोत के अनुसार, एक वयस्क के लिए रोजाना 600 IU विटामिन D की जरूरत होती है।
इसके लिए संतुलित भोजन, शारीरिक गतिविधि और धूप को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है। कैल्शियम वाली चीजों के साथ शरीर में विटामिन D की पर्याप्त उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है।
रोज की थाली में इन चीजों को कर सकते हैं शामिल
कैल्शियम की जरूरत को पूरा करने के लिए दिनभर के भोजन में अलग-अलग खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा सकता है। सुबह दूध या दही लिया जा सकता है। नाश्ते में रागी या बाजरे से बनी चीजें, जैसे चीला, शामिल की जा सकती हैं।
दोपहर के खाने में दाल, सब्जी और रोटी या चावल के साथ दही लिया जा सकता है। शाम के समय तिल, चना या कुछ नट्स खाए जा सकते हैं। रात के भोजन में पनीर, टोफू या सोया के साथ सब्जियां शामिल करना भी एक विकल्प है।
कैल्शियम की कमी को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
कैल्शियम केवल हड्डियों और दांतों के लिए ही जरूरी नहीं है। यह मांसपेशियों के काम, तंत्रिका संकेतों और शरीर के कई दूसरे कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में मौजूद अधिकांश कैल्शियम हड्डियों और दांतों में जमा रहता है।
कैल्शियम की कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस तथा फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। अगर शरीर में कैल्शियम का स्तर बहुत कम हो जाए तो मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
