डायबिटीज के मरीज आम खा सकते हैं या नहीं? एक्सपर्ट ने बताई सही मात्रा और सेवन का सही तरीका, जानिए जरूरी सावधानियां
गर्मियों के मौसम में आम का स्वाद लोगों को खूब आकर्षित करता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह हमेशा से एक उलझन भरा सवाल रहा है कि वे इसे खा सकते हैं या नहीं। आम में प्राकृतिक शुगर की मात्रा अधिक होती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में इसे लेकर संतुलित और सावधानीपूर्ण सेवन जरूरी माना जाता है।
क्या डायबिटीज में आम खाना पूरी तरह बंद करना चाहिए? एक्सपर्ट की राय
पीएसआरआई अस्पताल में हेड ऑफ डाइटीशियन शालिनी ब्लिस के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को आम पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। सही मात्रा और सही समय का ध्यान रखकर इसका सेवन किया जा सकता है। आम में फाइबर, विटामिन ए और विटामिन सी जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी हैं। हालांकि इसमें मौजूद फ्रक्टोज शुगर तेजी से ब्लड शुगर बढ़ा सकती है, इसलिए सीमित मात्रा ही सुरक्षित मानी जाती है।
एक दिन में कितना आम खाना सुरक्षित?
एक्सपर्ट के मुताबिक डायबिटीज के मरीज एक बार में अधिक आम नहीं खाएं। दिनभर में आधा या अधिकतम एक छोटा आम खाना सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है, लेकिन यह तभी संभव है जब व्यक्ति का शुगर लेवल नियंत्रण में हो। आम खाने का सबसे उपयुक्त समय दिन का माना गया है, विशेषकर लंच के बाद, ताकि पाचन बेहतर रहे और शुगर लेवल पर कम असर पड़े।
आम के साथ किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
विशेषज्ञों का कहना है कि आम का सेवन करते समय अन्य हाई-शुगर फूड्स से दूरी बनाए रखना जरूरी है। जिस दिन आम खाया जाए, उस दिन कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन की मात्रा भी संतुलित रखनी चाहिए। इसके अलावा आम को जूस या शेक के रूप में लेने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस रूप में फाइबर कम हो जाता है और शुगर तेजी से शरीर में असर दिखा सकता है। पूरा फल खाना हमेशा बेहतर विकल्प माना जाता है।
