बुंदेलखंड दौरे पर सीएम योगी की आस्था झलकी! मां बगुलामुखी के दरबार में टेका माथा, तुवन मंदिर में भी की पूजा-अर्चना
दतिया: बुंदेलखंड क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की सौगात देने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने दौरे की शुरुआत धार्मिक स्थलों में दर्शन-पूजन के साथ की। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के दतिया स्थित प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ पहुंचकर मां बगुलामुखी के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
दतिया हवाई पट्टी पर पहुंचने पर मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे पीतांबरा पीठ पहुंचे, जहां उन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
मां बगुलामुखी के दरबार में की विशेष पूजा
पीतांबरा पीठ पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां बगुलामुखी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और पुजारियों की उपस्थिति में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा के दौरान प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की। पीतांबरा पीठ देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
वनखण्डेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
मां बगुलामुखी के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने पीतांबरा पीठ परिसर स्थित वनखण्डेश्वर महादेव मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक किया और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।
मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों के बीच संपन्न हुए इस पूजन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कुछ समय तक मंदिर में मौजूद रहे।
ललितपुर पहुंचकर तुवन मंदिर में भी टेका माथा
दतिया में धार्मिक कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ललितपुर रवाना हो गए।
ललितपुर पहुंचने पर उन्होंने ऐतिहासिक तुवन मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी, महंत और अन्य धार्मिक गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
विकास और आस्था का संगम बना दौरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा विकास कार्यों और धार्मिक आस्था, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र को विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी, वहीं दूसरी ओर प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना भी की। उनके इस दौरे को क्षेत्रीय विकास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव के संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
