भारत से नेपाल के लिए सीधी बस सेवा शुरू: दिल्ली से बेनी तक डायरेक्ट सफर, जानिए किराया, टाइमिंग और सुविधाएं

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नई दिल्ली। भारत और नेपाल के बीच यात्रा को और आसान बनाते हुए बुधवार को नई दिल्ली से नेपाल के बेनी नगरपालिका के लिए सीधी बस सेवा का शुभारंभ किया गया। इस नई बस सेवा से खास तौर पर नेपाल के प्रसिद्ध हिंदू और बौद्ध तीर्थ स्थल मुक्तिनाथ जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी।

मुक्तिनाथ का प्रवेश द्वार है बेनी नगरपालिका
बेनी नगरपालिका गंडकी प्रांत के मुस्तांग जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध मुक्तिनाथ मंदिर का प्रमुख प्रवेश द्वार मानी जाती है। मुक्तिनाथ को ‘मोक्ष का भगवान’ कहा जाता है और यह मंदिर हिंदुओं और बौद्धों दोनों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। हिंदू इसे भगवान विष्णु का धाम मानते हैं, जबकि बौद्ध इसे अवलोकितेश्वर देवता का निवास मानते हैं।

नेपाल-भारत मित्रता बस सेवा का शुभारंभ
अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक युग टूर एंड ट्रैवल्स और सृष्टि यातायात प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित नेपाल-भारत मित्रता बस सेवा का उद्घाटन बेनी नगरपालिका के मेयर सुरत केसी ने किया। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और पर्यटन से जुड़े लोग भी मौजूद रहे।

इन शहरों से होकर गुजरेगी बस
बेनी नगरपालिका की उपमेयर ज्योति लमिछाने ने बताया कि यह बस सेवा बेनी कालीपुल बस पार्क से शुरू होकर स्यांगजा, वॉलिंग, भैरहवा, अयोध्या और आगरा होते हुए भारत की राजधानी नई दिल्ली तक पहुंचेगी।

धार्मिक और पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल
यह पहल म्याग्दी और मुस्तांग जिले के धार्मिक स्थलों को भारत से सीधे जोड़ने और भारत से नेपाल आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

27 घंटे में तय होगा करीब 1400 किलोमीटर का सफर
आधुनिक युग टूर एंड ट्रैवल्स के अध्यक्ष केशब प्रसाद अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली से बेनी पहुंचने में लगभग 27 घंटे का समय लगेगा। बस बेनी से प्रतिदिन सुबह 6:45 बजे और नई दिल्ली से शाम 4:00 बजे रवाना होगी।

किराया, सीट क्षमता और रूट की पूरी जानकारी
बेनी से नई दिल्ली का किराया 5,400 नेपाली रुपये तय किया गया है, जबकि नई दिल्ली से बेनी के लिए भारतीय यात्रियों को 3,200 रुपये चुकाने होंगे। बस में कुल 45 यात्रियों के बैठने की सुविधा है और यह करीब 1,400 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

मुक्तिनाथ तक ऐसे पहुंचेगे यात्री
बेनी पहुंचने के बाद यात्री जीप, टैक्सी या स्थानीय बस के जरिए तीन से चार घंटे में मुस्तांग जिले में स्थित मुक्तिनाथ मंदिर पहुंच सकते हैं। 3,710 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर थोरोंग ला पास के पास है और इसे दुनिया के सबसे ऊंचाई पर स्थित मंदिरों में गिना जाता है।

तीर्थयात्रियों और आम यात्रियों को होगा लाभ
इस बस सेवा से मुक्तिनाथ जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ उच्च शिक्षा, रोजगार और चिकित्सा उपचार के लिए दिल्ली आने-जाने वाले नेपाली नागरिकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

पासपोर्ट नहीं, पहचान पत्र जरूरी
यात्रा के लिए यात्रियों को पासपोर्ट की आवश्यकता नहीं होगी, हालांकि वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। अधिकारियों के मुताबिक हर साल एक लाख से अधिक भारतीय पर्यटक मुक्तिनाथ मंदिर के दर्शन के लिए नेपाल जाते हैं।

 

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