दिल्ली में भूकंप से कांपी धरती, सुबह-सुबह महसूस हुए झटके; जानिए कितनी थी तीव्रता और कहां था केंद्र

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भारत समेत दुनियाभर में बीते कुछ समय से भूकंप की घटनाओं में तेजी देखी जा रही है। बार-बार धरती हिलने से लोगों के मन में डर और चिंता बढ़ती जा रही है। म्यांमार, अफगानिस्तान जैसे देशों में हाल के महीनों में आए तेज भूकंपों में हजारों लोगों की जान जा चुकी है। इसी बीच अब देश की राजधानी दिल्ली में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोग सतर्क हो गए।

कितनी तीव्रता का था दिल्ली का भूकंप

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, दिल्ली में सोमवार सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.8 मापी गई। भूकंप का केंद्र उत्तरी दिल्ली में जमीन से करीब 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। राहत की बात यह रही कि इस हल्के भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है।

गुजरात के कच्छ में भी हाल ही में हिले थे धरती के पांव

दिल्ली से पहले गुजरात के कच्छ जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात कच्छ में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। यह भूकंप रात करीब 1 बजकर 22 मिनट पर आया, जिसका केंद्र खावड़ा से लगभग 55 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व में था। झटकों के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। गौरतलब है कि कच्छ को देश के सबसे ज्यादा भूकंप संभावित क्षेत्रों में शामिल किया जाता है। साल 2001 में भुज में आए 7.6 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में करीब 13,800 लोगों की जान चली गई थी।

क्यों आते हैं बार-बार भूकंप

भूवैज्ञानिकों के अनुसार, पृथ्वी की सतह के नीचे सात बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें मौजूद हैं। ये प्लेटें लगातार अपनी जगह बदलती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी फॉल्ट लाइन पर आपस में टकराती हैं या दबाव बनता है, तो ऊर्जा उत्पन्न होती है। यही ऊर्जा जब बाहर निकलती है, तो धरती हिलने लगती है और भूकंप की घटना होती है।

भूकंप के दौरान क्या बरतें सावधानी

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के झटके महसूस होते ही घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। खुले मैदान में रहें, बिजली के खंभों और भारी वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। अगर घर के अंदर हैं तो मजबूत मेज या पलंग के नीचे शरण लें।

 

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