यहाँ मृत्यु होने पर मोक्ष मिलता है
पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी के तट पर स्थित एक प्रमुख हिंदू मंदिर है, जो भगवान शिव को ‘पशुपति’ के रूप में समर्पित है और यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। यह नेपाल का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है, जहाँ मृत्यु होने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह मंदिर पगोड़ा शैली में निर्मित है और हिंदू तथा बौद्ध वास्तुकला का अद्वितीय मिश्रण प्रस्तुत करता है, जिसमें सोने की परत चढ़ी छत और चार मुख वाला शिवलिंग है। इसे 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ का आधा भाग भी माना जाता है। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: स्थान – काठमांडू, नेपाल, बागमती नदी के किनारे। समर्पण – भगवान शिव (पशुपतिनाथ रूप में)। विशेषताएँ – नेपाल का सबसे पवित्र हिंदू स्थल, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, पगोड़ा शैली में निर्मित, सोने की परत वाली छत, चार मुखों वाला शिवलिंग। मान्यता है कि यहाँ मृत्यु होने पर मोक्ष मिलता है। केदारनाथ के ज्योतिर्लिंगों में से एक। वास्तुकला – हिंदू और बौद्ध वास्तुकला का संगम, दो मंजिला संरचना, चांदी से ढके चार मुख्य द्वार। महत्व – नेपाल के संरक्षक देवता, भारत सहित विश्व भर से श्रद्धालु आते हैं। भारत में पशुपतिनाथ मंदिर के संदर्भ में, मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक महत्वपूर्ण पशुपतिनाथ मंदिर है, जो शिवना नदी के तट पर स्थित है और यहाँ आठ मुखी शिवलिंग है। पशुपतिनाथ यात्रा के दौरान, यह मंदिर भारत और नेपाल की संस्कृति व आस्था को जोड़ता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ भारी भीड़ होती है। यात्रा के लिए सितंबर से नवंबर और फरवरी से अप्रैल का समय उपयुक्त माना जाता है, जब मौसम सुहावना होता है।

