‘मैंने कोई गलती नहीं की’, ओबामा परिवार को बंदर दिखाने वाले पोस्ट पर ट्रंप का विवादित रुख
नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा को बंदरों के रूप में दिखाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। भारी विरोध के बीच वीडियो भले ही ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ से हटा दिया गया हो, लेकिन ट्रंप ने इस पूरे मामले में माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है। पोस्ट डिलीट होने के बाद ट्रंप ने कहा, “मैंने कोई गलती नहीं की।”
ट्रुथ सोशल पर साझा हुआ नस्ली वीडियो
मामला तब सामने आया जब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा को वनमानुष के रूप में दिखाया गया था। वीडियो में चुनावी साजिश के सिद्धांतों को दर्शाया गया था, जिसे नस्ली और आपत्तिजनक बताया गया।
व्हाइट हाउस ने कर्मचारी की ‘गलती’ बताया
वीडियो को लेकर देश और दुनिया में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। आलोचना बढ़ने के बाद वीडियो को ट्रंप के अकाउंट से हटा दिया गया। इस बीच व्हाइट हाउस ने सफाई देते हुए इसे एक कर्मचारी की ‘गलती’ करार दिया और ट्रंप की व्यक्तिगत मंशा से अलग बताया।
पोस्ट हटने के बाद भी ट्रंप ने नहीं जताया अफसोस
हालांकि, वीडियो डिलीट होने के बावजूद ट्रंप अपने रुख पर कायम नजर आए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह इस पोस्ट के लिए माफी नहीं मांगेंगे। ट्रंप का कहना था कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है।
2020 चुनाव को लेकर पुराने दावों से जुड़ा वीडियो
बताया जा रहा है कि यह वीडियो 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर ट्रंप के लंबे समय से किए जा रहे दावों का हिस्सा था। वीडियो में वोटिंग मशीनों में जानबूझकर छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। 62 सेकंड के इस वीडियो में दो वनमानुषों के चेहरों पर बराक ओबामा और मिशेल ओबामा की मुस्कुराती तस्वीरें लगाई गई थीं।
अदालतें पहले ही खारिज कर चुकी हैं आरोप
गौरतलब है कि अमेरिका की कई अदालतें और ट्रंप के पहले कार्यकाल के अटॉर्नी जनरल पहले ही चुनावी धोखाधड़ी के आरोपों को खारिज कर चुके हैं। इसके बावजूद ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि 2020 का चुनाव वोट चोरी के कारण हारा गया था।
प्रेस सचिव ने आलोचना को किया खारिज
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस वीडियो को लेकर हो रही आलोचना को खारिज कर दिया है। वहीं, बराक ओबामा के प्रवक्ता ने इस पूरे मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है। घटना ने एक बार फिर अमेरिका की राजनीति में नस्लीय संवेदनशीलता और चुनावी बयानबाजी को लेकर बहस छेड़ दी है।
