कमर, गर्दन और कंधों के दर्द से चाहिए राहत तो बिल्ली-गाय जैसे ये योगासन हैं आपके लिए रामबाण
लखनऊ: लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, गलत पोश्चर और ठंड के मौसम में शरीर की जकड़न—ये सब मिलकर कमर, गर्दन और कंधों के दर्द की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही दर्द को पुरानी समस्या में बदल सकती है। ऐसे में योग एक आसान और असरदार समाधान देता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक, मार्जरी-बिटिलासन ऐसा योगासन है, जो कम समय में इन दर्दों से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, योग न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक समस्याओं को भी दूर करने में सहायक है और मार्जरी-बिटिलासन इसका बेहतरीन उदाहरण है।
क्या है मार्जरी-बिटिलासन?
योग एक्सपर्ट्स बताते हैं कि मार्जरी-बिटिलासन को अंग्रेजी में कैट-काउ पोज (Cat-Cow Pose) कहा जाता है। यह दरअसल दो आसनों का कॉम्बिनेशन है—मार्जरी आसन यानी बिल्ली की मुद्रा और बिटिलासन यानी गाय की मुद्रा। इस अभ्यास में रीढ़ की हड्डी को आगे-पीछे लहर की तरह हिलाया जाता है, जिससे स्पाइन की जकड़न दूर होती है और लचीलापन बढ़ता है।
क्यों है ये आसन इतना फायदेमंद?
इस योगासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है, गर्दन और कंधों की अकड़न कम होती है और कमर दर्द में भी राहत मिलती है। इसके साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है और लंबे समय तक बैठने से होने वाले दर्द को कम करने में मददगार माना जाता है।
कैसे करें मार्जरी-बिटिलासन?
इस आसन को करना जितना आसान है, इसका असर उतना ही गहरा होता है।
- सबसे पहले वज्रासन की मुद्रा में बैठें।
- अब घुटनों के बल उठकर टेबल-टॉप पोजीशन में आ जाएं।
- दोनों हथेलियां जमीन पर रखें और गहरी सांस लेते हुए पीठ को नीचे की ओर झुकाएं, सिर और गर्दन ऊपर उठाएं।
- इसके बाद सांस छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर गोल करें और ठुड्डी को छाती की ओर लाएं।
- इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे 5 से 10 बार दोहराएं।
रोजाना कुछ मिनट इस आसन का अभ्यास करने से कमर, गर्दन और कंधों के दर्द में काफी हद तक राहत महसूस की जा सकती है।
