भारत ने नेपाल को दी चुनावी मदद: पहली खेप में 60 से ज्यादा वाहन सौंपे, कुल 650 वाहन देने का प्लान

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काठमांडू। भारत ने मंगलवार को नेपाल को 60 से ज्यादा डबल-कैब पिकअप वाहन और अन्य सामान सौंपकर आगामी चुनावों की तैयारी में मदद की है। यह हैंडओवर समारोह सिंह दरबार में आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय दूतावास के चार्ज डी’अफेयर्स डॉ. राकेश पांडे ने नेपाल के गृह मंत्री ओम प्रकाश अर्याल को वाहन सौंपे। भारत ने नेपाल को कुल 650 वाहनों की सहायता देने की योजना बनाई है, जो कई चरणों में प्रदान किए जाएंगे।

भारत ने 2008 से दे रहा है चुनावी सहायता
समारोह के दौरान गृह मंत्री अर्याल ने भारत सरकार और भारतीय जनता को इस सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच गहरे और व्यापक रिश्तों पर भी जोर दिया। इस बार सौंपे गए वाहन नेपाल सरकार के नाम पर रजिस्टर्ड किए गए हैं और चुनावों के बाद अन्य सरकारी कामों में भी उपयोग किए जा सकेंगे।

इतिहास में भारत 2008 से नेपाल के चुनावों में सहायता दे रहा है और अब तक नेपाली संस्थानों को लगभग 2,400 वाहन उपहार में दे चुका है। भारतीय दूतावास ने कहा कि यह सहयोग भारत–नेपाल के बीच विकास साझेदारी के साथ-साथ दोनों देशों के लोगों के बीच विश्वास और दोस्ती का प्रतीक है।

क्यों जरूरी है यह मदद?
यह चुनावी सहायता नेपाल के आगामी संसदीय चुनावों के लिए है, जो फाल्गुन 21 (लगभग 5 मार्च 2026) को होने वाले हैं। वाहन नेपाल के सुरक्षा बलों और चुनाव आयोग की लॉजिस्टिक जरूरतों को पूरा करने के लिए दिए गए हैं। पिछले साल सितंबर में हुए जेन-जी विरोध प्रदर्शनों में कई सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे, इसलिए इस कमी को देखते हुए यह सहायता दी जा रही है। सरकार की बनाई कमेटी ने आकलन किया था कि जेन-जी विरोध प्रदर्शन के दौरान 8,430 सरकारी गाड़ियाँ नुकसान में आई थीं।

 

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