बीमा जागरूकता को मिलेगा नया आयाम! आईआरडीएआई चेयरमैन अजय सेठ ने लॉन्च की कॉमिक बुक सीरीज, आसान होगी लाइफ इंश्योरेंस की समझ
लखनऊ: ‘बीमा सबके लिए’ विजन को गति देने की दिशा में भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने एक अहम पहल की है। राष्ट्रीय बीमा जागरूकता दिवस के अवसर पर आईआरडीएआई के चेयरमैन अजय सेठ ने उपभोक्ताओं के बीच जीवन बीमा की जानकारी को सरल और सहज बनाने के उद्देश्य से उपभोक्ता जागरूकता कॉमिक बुक सीरीज का अनावरण किया। इस मौके पर जीवन बीमा क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधि एक मंच पर आए और देश के प्रत्येक परिवार तक जीवन बीमा को अधिक सरल, सुलभ और प्रासंगिक बनाने के अपने साझा संकल्प को दोहराया।
कॉमिक कहानियों के जरिए समझाई जाएंगी बीमा की जटिल अवधारणाएं
नई कॉमिक बुक सीरीज का उद्देश्य जीवन बीमा से जुड़ी जटिल अवधारणाओं को आम लोगों तक आसान भाषा में पहुंचाना है। इसमें मैरिड वीमेंस प्रॉपर्टी एक्ट, वेवर ऑफ प्रीमियम और गंभीर बीमारी राइडर जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को तकनीकी शब्दावली के बजाय रोजमर्रा की परिस्थितियों और कहानी आधारित प्रस्तुति के माध्यम से समझाया गया है। इस पहल के जरिए ऐसे लोगों तक भी पहुंचने का प्रयास किया गया है, जो जीवन बीमा को अब तक कठिन और जटिल मानते रहे हैं।
युवा सलाहकार सुप्रिया के किरदार के माध्यम से दी जाएगी वित्तीय सीख
कॉमिक बुक सीरीज की कहानी युवा जीवन बीमा सलाहकार सुप्रिया के इर्द-गिर्द विकसित की गई है। इसमें वास्तविक जीवन से जुड़ी परिस्थितियों को “स्टोरी मेमोरीज़” के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे पाठकों को यह समझने में आसानी होगी कि समय पर लिए गए वित्तीय निर्णय भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को किस प्रकार मजबूत बनाते हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल बीमा उत्पादों की जानकारी देना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए भी प्रेरित करना है।
राष्ट्रीय बीमा जागरूकता दिवस पर हुई पहल की शुरुआत
राष्ट्रीय बीमा जागरूकता दिवस के अवसर पर शुरू की गई इस पहल को आईआरडीएआई और जीवन बीमा उद्योग की साझा प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया गया। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सूचित निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना, जीवन सुरक्षा समाधानों की समझ को मजबूत करना और भारतीय परिवारों में वित्तीय तैयारी की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
कमलेश राव बोले- हर परिवार की वित्तीय योजना का हिस्सा बने सुरक्षा
कॉमिक बुक सीरीज के अनावरण के दौरान आईएसी-लाइफ के अध्यक्ष कमलेश राव ने कहा कि भारत की विकास यात्रा उसके लोगों की आकांक्षाओं, प्रगति और दृढ़ता से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि समावेशी और टिकाऊ अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ते देश के लिए परिवारों की वित्तीय तैयारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार ‘बीमा सबके लिए’ केवल बीमा की पहुंच बढ़ाने का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय परिवार की वित्तीय योजना में सुरक्षा को शामिल करने का एक परिवर्तनकारी प्रयास है।
उन्होंने कहा कि जीवन बीमा लोगों और परिवारों को आर्थिक आत्मविश्वास प्रदान करता है, उनकी आकांक्षाओं को मजबूती देता है और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला तैयार करता है। उन्होंने इस कॉमिक बुक सीरीज को उपभोक्ताओं तक सुरक्षा का संदेश अभिनव और सरल तरीके से पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही उन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान आईएसी-लाइफ की विभिन्न पहलों, ‘बीमा सबसे पहले’ अभियान के दूसरे चरण की प्रगति तथा आने वाले वर्षों की प्राथमिकताओं की भी जानकारी साझा की।
आदित्य गुप्ता ने बताया जागरूकता बढ़ाने का नया माध्यम
लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के महासचिव आदित्य गुप्ता ने कहा कि जीवन बीमा ऐसा वादा है, जो परिवारों को जीवन की अनिश्चितताओं के लिए तैयार रहने और आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की योजना बनाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि उद्योग ने अपनी पहुंच का विस्तार किया है, लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि बीमा से जुड़ी बातचीत को और अधिक सरल, सहज और सभी उपभोक्ताओं के लिए सुलभ बनाया जाए। उनके अनुसार कहानी आधारित यह कॉमिक बुक सीरीज उपभोक्ताओं को जीवन बीमा के महत्व से जोड़ने की एक अभिनव पहल है।
बीमा की पहुंच बढ़ी, लेकिन प्रोटेक्शन गैप अब भी चुनौती
कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि बीमा की पहुंच और जागरूकता बढ़ने के बावजूद देश के अनेक परिवार अभी भी अप्रत्याशित परिस्थितियों के सामने आर्थिक रूप से असुरक्षित हैं। उनका मानना है कि इस प्रोटेक्शन गैप को कम करने के लिए जीवन बीमा को अधिक व्यापक स्तर पर अपनाना और वित्तीय साक्षरता को मजबूत करना आवश्यक है।
जीवन बीमा पर हुई विशेषज्ञों की पैनल चर्चा
इस अवसर पर ‘इंडिया आस्क्स: व्हाई प्रायोरिटाइज लाइफ इंश्योरेंस?’ विषय पर पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसमें आईएसी के अध्यक्ष कमलेश राव, एलआईसी के प्रबंध निदेशक दोराईस्वामी, पीएनबी मेटलाइफ के एमडी एवं सीईओ समीर बंसल, इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस के एमडी एवं सीईओ रुशभ गांधी तथा स्वतंत्र वित्तीय पत्रकार सोनिया शेनॉय ने भाग लिया। चर्चा के दौरान जीवन बीमा की भूमिका, वित्तीय भविष्य को सुरक्षित बनाने, जागरूकता बढ़ाने और देशभर में सुरक्षा संबंधी समाधानों के विस्तार पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
नए व्यवसाय प्रीमियम में 15.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी
कार्यक्रम में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जीवन बीमा उद्योग ने नए व्यवसाय प्रीमियम में सालाना आधार पर 15.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। इस अवधि में 2.83 करोड़ से अधिक बीमा पॉलिसियां जारी की गईं, जो जीवन बीमा के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती हैं। हालांकि उद्योग की वृद्धि मजबूत रही है, लेकिन बीमा क्षेत्र के प्रतिनिधियों का मानना है कि बीमा की पैठ अभी भी देश की आर्थिक प्रगति और क्षेत्रीय विकास की गति के अनुरूप नहीं है। ऐसे में जागरूकता, विश्वास निर्माण और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर और संगठित प्रयासों की आवश्यकता बनी हुई है।
