नेपाल में जेन-जी आंदोलन की जांच तेज, पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली से होगी पूछताछ; आयोग भेजेगा नोटिस

नेपाल जेन-जी आंदोलन, केपी शर्मा ओली पूछताछ, नेपाल जांचबूझ आयोग, जेनजी आंदोलन जांच, पूर्व पीएम ओली बयान, नेपाल राजनीति ताजा खबर, जेनजी आंदोलन 2025, Nepal Gen Z Movement, KP Sharma Oli Inquiry, Nepal Investigation Commission, Gen Z Protest Nepal, Former PM Oli Statement, Nepal Political News

काठमांडू। नेपाल में जेन-जी आंदोलन के दौरान 8 और 9 सितंबर 2025 को हुई घटनाओं की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। इन घटनाओं की जांच कर रहे जांचबूझ आयोग ने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बयान के लिए बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग जल्द ही उन्हें औपचारिक पत्र भेजने वाला है।

ओली को बयान के लिए बुलाने की प्रक्रिया शुरू

गुरुवार को सिंहदरबार में प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से मुलाकात के बाद जांचबूझ आयोग के अध्यक्ष गौरीबहादुर कार्की ने पत्रकारों से बातचीत में इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि जेन-जी आंदोलन से जुड़े मामलों में केपी शर्मा ओली को बयान के लिए बुलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जब उनसे पूछा गया कि अगर ओली आयोग के समन पर उपस्थित नहीं होते हैं तो क्या कदम उठाया जाएगा, इस पर उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल आयोग उन्हें नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।

पूर्व गृह मंत्री का बयान दर्ज

आयोग अध्यक्ष गौरीबहादुर कार्की ने बताया कि पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। बयान प्रक्रिया पूरी होने के बाद लेखक पर लगाए गए स्थान प्रतिबंध को हटाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आयोग को जो विस्तारित समय-सीमा दी गई है, उसके भीतर ही जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि गौरीबहादुर कार्की नेपाल के पूर्व न्यायाधीश भी रह चुके हैं।

शीर्ष अधिकारियों से हो चुकी है पूछताछ

गौरीबहादुर कार्की की अध्यक्षता में गठित इस आयोग ने जेन-जी आंदोलन से जुड़े मामलों में पहले ही कई शीर्ष अधिकारियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। इनमें तत्कालीन मुख्य सचिव एकनारायण अर्याल, गृह सचिव गोकर्णमणि दुवाडी, प्रधान सेनापति अशोकराज सिग्देल, नेपाल पुलिस के आईजीपी दानबहादुर कार्की और तत्कालीन आईजीपी चंद्रकुबेर शामिल हैं। इसके अलावा सशस्त्र प्रहरी बल के आईजीपी राजु अर्याल और राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग के तत्कालीन प्रमुख हुतराज से भी पूछताछ की जा चुकी है। आयोग का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

एक नज़र