लखनऊ बनेगा देश का पहला AI सिटी, 13 हजार से ज्यादा स्टार्टअप्स को मिल रहा सरकारी सहयोग

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देश की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।

भारत स्टार्टअप शिखर सम्मेलन-2026 को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए राज्यपाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में 13 हजार से अधिक स्टार्टअप सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इन स्टार्टअप्स को प्रदेश भर में संचालित 76 से अधिक इन्क्यूबेटरों का सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे नए उद्यमियों को अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने का अवसर मिल रहा है।

स्टार्टअप्स को मिल रही आर्थिक सहायता

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाएं संचालित कर रही है। इसके तहत उद्यमियों को 17,500 रुपये प्रतिमाह तक भत्ता, पांच लाख रुपये तक का प्रोटोटाइप अनुदान तथा 7.5 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने नए और अभिनव विचारों को स्टार्टअप के रूप में विकसित करें, क्योंकि उनका एक विचार भविष्य में दुनिया बदलने की क्षमता रख सकता है।

भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम

राज्यपाल ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। वर्ष 2016 से 2026 के बीच देश में 2.30 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप स्थापित हुए हैं, जबकि 120 से ज्यादा यूनिकॉर्न कंपनियां भी उभरकर सामने आई हैं। यह उपलब्धि भारत की नवाचार क्षमता और उद्यमशीलता की ताकत को दर्शाती है।

ODOP योजना से पारंपरिक उत्पादों को मिली वैश्विक पहचान

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना ने राज्य के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुरादाबाद का पीतल उद्योग, भदोही के कालीन, लखनऊ की चिकनकारी समेत कई उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है, जिससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को लाभ हुआ है।

विश्वविद्यालयों में भी बढ़ रही स्टार्टअप संस्कृति

राज्यपाल के अनुसार प्रदेश के विश्वविद्यालयों में भी स्टार्टअप संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है। वर्तमान में राज्य विश्वविद्यालयों में 1,533 स्टार्टअप सक्रिय हैं। इनमें से 1,180 स्टार्टअप डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध संस्थानों से जुड़े हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि युवा तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

 

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