लखनऊ को मिलेगी रामायण की विरासत और आस्था की नई पहचान, वृंदावन कॉलोनी में बनेगा थीम पार्क; कुकरैल नदी किनारे स्थापित होगी भगवान लक्ष्मण की भव्य प्रतिमा

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में धार्मिक पर्यटन और मनोरंजन को बढ़ावा देने के लिए रामायण थीम पार्क, रामानुज पार्क और भगवान लक्ष्मण की भव्य प्रतिमा विकसित करने की तैयारी है। रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कॉलोनी में रामायण थीम पार्क बनाने के लिए दो एकड़ जमीन चिह्नित की गई है, जबकि कुकरैल नदी के किनारे रामानुज पार्क और शक्ति वन को विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले लोगों को रामायण से जुड़े प्रसंगों और पात्रों को देखने के साथ हरियाली के बीच समय बिताने का अवसर मिलेगा। नगर निगम ने इन परियोजनाओं की कार्ययोजना तैयार की है।

वृंदावन कॉलोनी में दो एकड़ जमीन पर बनेगा रामायण थीम पार्क

रामायण थीम पार्क के निर्माण के लिए रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कॉलोनी में जमीन चिह्नित की गई है। यह भूमि ग्राम उतरेटिया में खसरा संख्या 222 के अंतर्गत दर्ज है और आवास विकास परिषद की है। जमीन उपलब्ध कराने के लिए नगर आयुक्त ने आवास विकास परिषद के आयुक्त को पत्र लिखा है।

प्रस्तावित पार्क में रामायण के विभिन्न पात्रों और प्रसंगों को अनुपयोगी सामग्री से तैयार किए गए मॉडलों के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। इस पहल के तहत कचरे और बेकार सामग्री का उपयोग करके आकर्षक संरचनाएं बनाने की योजना है। इससे लोगों को रामायण से जुड़ी जानकारियां मिलेंगी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा सकेगा।

पंचवटी से लंका दहन तक दिखेंगे रामायण के प्रसंग

रामायण थीम पार्क में आने वाले लोगों को महाकाव्य से जुड़े प्रमुख प्रसंगों के मॉडल देखने को मिलेंगे। प्रस्तावित डिजाइन में पंचवटी से लेकर लंका दहन तक के दृश्यों को शामिल किया जाएगा। भगवान श्रीराम और लक्ष्मण से जुड़ी जानकारियां भी यहां प्रदर्शित की जाएंगी।

पार्क की डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी एक कंपनी को दी गई है। परियोजना का उद्देश्य रामायण की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को एक ऐसे स्थान पर प्रस्तुत करना है, जहां लोग परिवार के साथ घूमने और ऐतिहासिक-धार्मिक प्रसंगों को समझने के लिए आ सकें।

कुकरैल नदी के किनारे बनेगा रामानुज पार्क

कुकरैल नदी के तट पर रामानुज पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां हरियाली के साथ लोगों के बैठने की व्यवस्था और कैफेटेरिया बनाने की योजना है। इस स्थान पर रामानुज पार्क का बोर्ड भी लगाया जा चुका है। पार्क विकसित होने के बाद यह क्षेत्र लोगों के लिए सुकून से समय बिताने का एक नया ठिकाना बन सकता है।

इसी क्षेत्र में नगर निगम की ओर से शक्ति वन भी तैयार किया जा रहा है। यहां भगवान लक्ष्मण की भव्य प्रतिमा स्थापित की जानी है, जिसे दूर से भी देखा जा सकेगा। लखनऊ को भगवान लक्ष्मण के नाम से जुड़ी नगरी माना जाता है, ऐसे में यह प्रतिमा शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने वाली परियोजनाओं में शामिल होगी।

सौमित्र वन और उर्मिला वाटिका भी बनेंगे आकर्षण

कुकरैल नदी के आसपास के क्षेत्र में सौमित्र वन के साथ उर्मिला वाटिका भी विकसित की गई है। भगवान लक्ष्मण की प्रतिमा स्थापित होने के बाद इस पूरे इलाके को धार्मिक और हरित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना को और गति मिल सकती है।

नगर निगम की इन परियोजनाओं में हरियाली, धार्मिक प्रतीकों और लोगों के लिए मनोरंजन की सुविधाओं को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

अकबरनगर की जमीन पर विकसित हुआ सौमित्र वन

कुकरैल नदी के किनारे बसी अकबरनगर बस्ती को हटाने का मामला भी इस क्षेत्र के विकास से जुड़ा रहा है। खबर के मुताबिक, वर्ष 2023 में दैनिक जागरण के अभियान के बाद अवैध बस्ती को खाली कराने की कार्रवाई हुई थी। अवैध कब्जेदारों को अदालत से भी राहत नहीं मिली थी। इसके बाद कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर सौमित्र वन विकसित किया गया।

नगर आयुक्त गौरव कुमार के मुताबिक, रामायण थीम पार्क के लिए आवास विकास परिषद से उतरेटिया में दो एकड़ जमीन मांगी गई है। यहां अनुपयोगी सामग्री से रामायण के प्रसंगों के मॉडल तैयार किए जाएंगे। वहीं, कुकरैल नदी के किनारे रामानुज पार्क बनाया जा रहा है और शक्ति वन में भगवान लक्ष्मण की भव्य प्रतिमा स्थापित की जानी है।

 

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