पंकजा मुंडे के हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी से हड़कंप, यात्रा रोकी; दूसरे हेलिकॉप्टर से चुनावी बैठक में जाएंगी मंत्री

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संभाजीनगर। महाराष्ट्र की कैबिनेट मंत्री और बीजेपी नेता पंकजा मुंडे के हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने से अचानक हड़कंप मच गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनकी हवाई यात्रा को तुरंत रोक दिया गया। बाद में निर्णय लिया गया कि पंकजा मुंडे तय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दूसरे हेलिकॉप्टर से रवाना होंगी। हाल के विमान हादसों के बाद नेताओं के बीच हवाई यात्रा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता देखी जा रही है।

लातूर में चुनावी कार्यक्रम के लिए भरनी थी उड़ान
जानकारी के मुताबिक, पंकजा मुंडे संभाजीनगर से लातूर के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना होने वाली थीं। उन्हें जिला परिषद चुनाव प्रचार से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। उड़ान से पहले ही पायलट ने हेलिकॉप्टर में तकनीकी समस्या की जानकारी दी, जिसके बाद मंत्री ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा स्थगित करने का फैसला लिया। बाद में तय हुआ कि वह दूसरे हेलिकॉप्टर के जरिए अपने कार्यक्रम में शामिल होंगी।

अजित पवार हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता
बताया जा रहा है कि एनसीपी नेता अजित पवार के हालिया विमान हादसे में निधन के बाद महाराष्ट्र के कई नेता हवाई यात्रा को लेकर ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। इसी वजह से किसी भी तकनीकी गड़बड़ी को हल्के में नहीं लिया जा रहा है।

बारामती विमान हादसे में गई थी अजित पवार की जान
हाल ही में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार का विमान बारामती में क्रैश हो गया था। इस हादसे में अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार, वह मुंबई से बारामती में एक सभा को संबोधित करने के लिए निकले थे। इस हादसे के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम बनाया गया।

पहले भी कई बड़े विमान हादसे झकझोर चुके हैं देश
अजित पवार से पहले गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की भी एयर इंडिया के विमान हादसे में मौत हो चुकी है। यह दुर्घटना 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ समय बाद हुई थी, जिसमें Air India Flight 171 पूरी तरह नष्ट हो गई थी। इससे पहले साल 2021 में भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की तमिलनाडु के कुन्नूर में Mi-17V5 हेलिकॉप्टर हादसे में मृत्यु हो गई थी। विमान दुर्घटनाओं में सवार लोगों के बचने की संभावना बेहद कम मानी जाती है, यही वजह है कि ऐसे मामलों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

 

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