NEET UG 2026: MBBS सीटों में बड़ा इजाफा, कर्नाटक से यूपी तक बढ़ीं हजारों सीटें; जानें आपके राज्य में अब कितनी सीटें
नई दिल्ली: NEET UG 2026 की काउंसलिंग के बीच मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने देशभर में 13,186 नई MBBS सीटों को मंजूरी दी है। इसके बाद भारत में MBBS की कुल सीटें 1,27,028 से बढ़कर 1,40,214 हो गई हैं। नई सीटों का सबसे बड़ा हिस्सा कर्नाटक को मिला है। इसके अलावा तमिलनाडु, बिहार और उत्तर प्रदेश में भी बड़ी संख्या में सीटें बढ़ाई गई हैं।
देश में 1.40 लाख से ज्यादा हुईं MBBS सीटें
NMC की नई सीट मैट्रिक्स के मुताबिक 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 13,186 नई MBBS सीटों को मंजूरी दी गई है। सीटों में यह बढ़ोतरी NEET UG 2026 के तहत मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अहम है। नई सीटों के जुड़ने से MBBS में प्रवेश के लिए उपलब्ध सीटों की संख्या बढ़ गई है।
कर्नाटक में सबसे ज्यादा 1,650 सीटों का इजाफा
नई सीट मैट्रिक्स में सबसे अधिक MBBS सीटें कर्नाटक में बढ़ाई गई हैं। राज्य में 1,650 नई सीटें जुड़ी हैं। इसके बाद यहां कुल MBBS सीटों की संख्या 15,745 हो गई है। कर्नाटक के 76 मेडिकल कॉलेजों में ये सीटें उपलब्ध होंगी।
तमिलनाडु में 1,250, बिहार में 1,240 और उत्तर प्रदेश में 1,200 नई MBBS सीटों को मंजूरी मिली है। इन चार राज्यों में कुल 5,340 सीटें बढ़ी हैं।
राजस्थान और तेलंगाना में भी 1,000 से ज्यादा सीटें बढ़ीं
NMC की सीट मैट्रिक्स के अनुसार राजस्थान में 1,100 और तेलंगाना में 1,010 नई MBBS सीटें बढ़ाई गई हैं। इसके बाद राजस्थान में कुल सीटों की संख्या 8,280 और तेलंगाना में 10,450 हो गई है।
वहीं पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश में 520-520 नई MBBS सीटों को मंजूरी मिली है।
इन राज्यों में भी बढ़ी MBBS सीटें
हरियाणा में 350, केरल में 300 और गुजरात में 250 नई MBBS सीटें बढ़ाई गई हैं। पुडुचेरी और उत्तराखंड में 200-200 सीटों का इजाफा हुआ है, जबकि जम्मू-कश्मीर में 175 नई सीटें जोड़ी गई हैं।
असम, ओडिशा और सिक्किम में 100-100 सीटें बढ़ाई गई हैं। चंडीगढ़, गोवा, पंजाब और त्रिपुरा में 50-50 नई सीटों को मंजूरी मिली है। मणिपुर में 25 और हिमाचल प्रदेश में सिर्फ 1 नई MBBS सीट बढ़ाई गई है।
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | बढ़ी MBBS सीटें |
|---|---|
| कर्नाटक | 1,650 |
| तमिलनाडु | 1,250 |
| बिहार | 1,240 |
| उत्तर प्रदेश | 1,200 |
| राजस्थान | 1,100 |
| तेलंगाना | 1,010 |
| पश्चिम बंगाल | 520 |
| छत्तीसगढ़ | 520 |
| महाराष्ट्र | 520 |
| आंध्र प्रदेश | 520 |
| झारखंड | 520 |
| मध्य प्रदेश | 520 |
| हरियाणा | 350 |
| केरल | 300 |
| गुजरात | 250 |
| पुडुचेरी | 200 |
| उत्तराखंड | 200 |
| जम्मू-कश्मीर | 175 |
| असम | 100 |
| ओडिशा | 100 |
| सिक्किम | 100 |
| चंडीगढ़ | 50 |
| गोवा | 50 |
| पंजाब | 50 |
| त्रिपुरा | 50 |
| मणिपुर | 25 |
| हिमाचल प्रदेश | 1 |
7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नहीं बढ़ी सीटें
NMC ने 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नई MBBS सीटों को मंजूरी दी है। वहीं 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस बार सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इनमें दिल्ली, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, दादरा और नगर हवेली तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
इन जगहों पर कुल MBBS सीटों की संख्या इस प्रकार है:
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | कुल MBBS सीटें |
|---|---|
| अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | 114 |
| अरुणाचल प्रदेश | 100 |
| दादरा और नगर हवेली | 177 |
| दिल्ली | 1,415 |
| मेघालय | 250 |
| मिजोरम | 100 |
| नगालैंड | 100 |
मंजूर सीटों से ज्यादा दाखिला नहीं दिया जा सकेगा
NMC ने सभी काउंसलिंग समितियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि दाखिला केवल मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) द्वारा मंजूर और अधिसूचित सीटों पर ही दिया जाए। किसी भी मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत सीटों से अधिक छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जा सकता।
अगर सीट मैट्रिक्स में किसी तरह की गड़बड़ी या अंतर सामने आता है तो काउंसलिंग समिति को मामले को MARB के पास स्पष्टीकरण के लिए भेजना होगा। इसके बाद ही संबंधित सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
NEET UG 2026 काउंसलिंग में बढ़ीं दाखिले की संभावनाएं
NEET UG 2026 की काउंसलिंग के बीच MBBS सीटों का नया आंकड़ा सामने आया है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने राउंड-2 का प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी कर दिया है, जबकि फाइनल अलॉटमेंट सूची जल्द जारी होने की उम्मीद है।
NMC की नई सीट मैट्रिक्स के बाद देश में MBBS की कुल सीटें 1,40,214 हो गई हैं। ऐसे में NEET UG 2026 के जरिए MBBS में दाखिले के लिए छात्रों के पास पहले की तुलना में अधिक सीटों के विकल्प उपलब्ध होंगे।
