‘एक गोली और खत्म हो जाता पूरा नेतृत्व…’ खामेनेई के जनाजे पर ट्रंप का सनसनीखेज दावा, दुनिया भर में बढ़ी हलचल

Donald-Trump-On-Khamenei-Funeral_V_jpg--1280x720-4g

तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई के दौरान उमड़ी भारी भीड़ के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। ट्रंप ने दावा किया है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान उनके पास ऐसा अवसर था, जब वह सिर्फ एक कार्रवाई में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को समाप्त कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

ट्रंप ने एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि अंतिम संस्कार के दौरान ईरान का लगभग पूरा शीर्ष नेतृत्व एक ही स्थान पर मौजूद था। उनके अनुसार, उस समय ऐसा कदम उठाना संभव था, लेकिन भविष्य में संभावित बातचीत और कूटनीतिक समाधान की संभावना को देखते हुए उन्होंने ऐसा निर्णय नहीं लिया।

ट्रंप बोले- बातचीत के लिए किसी का बचना भी जरूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि उस समय पूरे नेतृत्व को निशाना बनाया जाता, तो भविष्य में किसी भी तरह की वार्ता या समझौते की संभावना समाप्त हो जाती। ट्रंप का दावा है कि मौजूदा समय में ईरान भारी दबाव का सामना कर रहा है और समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।

उनके इस बयान ने वैश्विक राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान अमेरिका-ईरान संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना सकते हैं।

जनाजे में उमड़ी भीड़ देखकर ट्रंप भी हुए हैरान

खामेनेई की अंतिम विदाई के दौरान तेहरान की सड़कों पर लाखों लोगों की मौजूदगी ने दुनिया का ध्यान खींचा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों में अगले दो से तीन दिनों के दौरान करीब 1.5 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।

इस भीड़ को लेकर ट्रंप ने आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि खामेनेई अपनी जनता के बीच लोकप्रिय नहीं रहे हैं, लेकिन अंतिम विदाई में दिखाई दी भारी भीड़ ने उन्हें चौंका दिया।

रोते लोगों को लेकर भी किया कटाक्ष

अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों को भावुक होते और रोते देखा गया। इस पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने तंज कसा और कहा कि यह भी संभव है कि लोगों के आंसू वास्तविक न हों। उनके इस बयान पर भी विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

शोक के साथ गुस्से का भी माहौल

खामेनेई की मौत के बाद ईरान में सिर्फ शोक ही नहीं बल्कि गहरा आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी काले कपड़ों में नजर आए। कई स्थानों पर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी हुई।

रिपोर्टों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसे पोस्टर भी दिखाई दिए जिनमें डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी। इससे कार्यक्रम के दौरान तनावपूर्ण माहौल भी देखने को मिला।

28 फरवरी के हमले में हुई थी खामेनेई की मौत

गौरतलब है कि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले में हुई थी। उनकी मौत के बाद ईरान की सत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं।

इस बीच खामेनेई के बेटे और नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अंतिम संस्कार के सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर नहीं आए। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जिस हमले में उनके पिता की मौत हुई, उसमें वह भी घायल हुए थे। सुरक्षा कारणों से उन्हें सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने की सलाह दी गई है।

 

एक नज़र