नेपाल के पहाड़ी इलाकों में भारी हिमपात से जनजीवन प्रभावित, कई मार्ग बंद, फसलों के लिए राहत
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काठमांडू समेत उत्तरी नेपाल के पहाड़ी और हिमालयी इलाकों में भारी हिमपात से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उत्तर-पश्चिमी नेपाल के कई हिस्सों में दो फीट तक बर्फ जमने की खबर है, जबकि कई अहम सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं। मंगलवार रात से शुरू हुई बर्फबारी ने पहाड़ों और ऊंचाई वाले इलाकों को सफेद चादर में ढक दिया है।
कागबेनी-कोराला मार्ग बंद, दो फीट तक जमी बर्फ
घोरापझोंग ग्रामीण नगरपालिका के कृषि अनुभाग प्रमुख रोशन ठाकाली के अनुसार, कागबेनी-कोराला सड़क मार्ग पर भारी हिमपात के चलते आवागमन ठप हो गया है। कुछ इलाकों में दो-दो फीट तक बर्फ जम गई है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
करनाली प्रांत के कई जिलों में हालात गंभीर
करनाली प्रांत के हुम्ला, मुगु, डोल्पा, जुमला और कालीकोट जिलों में भी भारी हिमपात दर्ज किया गया है। जिला पुलिस कार्यालय के प्रमुख शंकर खड़का ने बताया कि एक फुट तक बर्फ जमने के कारण लिमी, न्यालू, यारी और हिल्सा क्षेत्रों की सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। इन इलाकों में आवाजाही फिलहाल संभव नहीं है।
सुदूर पश्चिम प्रांत भी चपेट में
अधिकारियों के मुताबिक सुदूर पश्चिम प्रांत के बैतादी और बाजुरा जिलों के कई हिस्सों में भी भारी हिमपात हुआ है। अचानक बदले मौसम ने इन पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड और मुश्किलें दोनों बढ़ा दी हैं।
जनजीवन प्रभावित, लेकिन फसलों के लिए फायदेमंद
जिले के कृषि ज्ञान केंद्र के एक अधिकारी ने बताया कि प्रतिकूल मौसम की वजह से रोजमर्रा की जिंदगी पर बुरा असर पड़ा है। हालांकि, आलू, सेब, कुट्टू और जौ जैसी शीतकालीन फसलों के लिए यह हिमपात लाभकारी माना जा रहा है। बर्फ से खेतों को नमी मिलेगी, जिससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है।
