योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर विशेष: सबसे युवा सांसद से सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बनने तक, कई रिकॉर्ड्स के मालिक हैं ‘बुलडोजर बाबा’
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में जन्मे योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक और प्रशासनिक सफर कई ऐसे कीर्तिमानों से भरा है, जिन्होंने उन्हें प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी एक अलग पहचान दिलाई है। गणित में स्नातक करने के बाद संन्यास की राह चुनने वाले योगी ने जब सक्रिय राजनीति में कदम रखा तो लगातार नए रिकॉर्ड बनते गए। उत्तर प्रदेश को अब तक 21 मुख्यमंत्री मिल चुके हैं, लेकिन योगी आदित्यनाथ कई मामलों में सबसे अलग और विशिष्ट माने जाते हैं। कानून-व्यवस्था पर सख्त रवैये के कारण उन्हें ‘बुलडोजर बाबा’ के नाम से पहचान मिली, जबकि उनकी कार्यशैली और प्रशासनिक मॉडल की चर्चा देशभर में होती है।
26 साल की उम्र में बने थे देश के सबसे युवा सांसद
योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक जीवन की शुरुआत ही एक बड़े रिकॉर्ड के साथ हुई थी। वर्ष 1994 में गोरखनाथ पीठ के महंत अवैद्यनाथ के शिष्य बनने और संन्यास ग्रहण करने के बाद उन्होंने गोरखपुर को अपनी कर्मभूमि बनाया। इसके बाद 1998 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे और महज 26 वर्ष की उम्र में जीत हासिल कर 12वीं लोकसभा के सबसे युवा सांसद बन गए। यह उपलब्धि आज भी उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी शुरुआती पहचान मानी जाती है।
गोरखपुर की जनता का भरोसा भी उन पर लगातार बना रहा। उन्होंने 1999, 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में भी जीत दर्ज की और लगातार पांच बार संसद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ स्थापित की।
उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे समय तक लगातार मुख्यमंत्री
वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी। मार्च 2017 में शपथ लेने के बाद उन्होंने प्रदेश की राजनीति के कई पुराने समीकरण बदल दिए।
योगी आदित्यनाथ के नाम आज उत्तर प्रदेश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड दर्ज है। इससे पहले डॉ. सम्पूर्णानन्द, मायावती और अखिलेश यादव जैसे नेता अपना-अपना कार्यकाल पूरा कर चुके थे, लेकिन लगातार इतने लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का रिकॉर्ड किसी और के नाम नहीं रहा।
नोएडा से जुड़े राजनीतिक मिथक को भी किया ध्वस्त
उत्तर प्रदेश की राजनीति में वर्षों से यह धारणा चली आ रही थी कि जो मुख्यमंत्री नोएडा जाता है, वह दोबारा सत्ता में नहीं लौटता। इसी वजह से कई मुख्यमंत्रियों ने नोएडा के दौरे से परहेज किया था।
योगी आदित्यनाथ ने इस राजनीतिक अंधविश्वास को पूरी तरह खारिज करते हुए अपने पहले कार्यकाल में कई बार नोएडा का दौरा किया। इसके बावजूद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने न केवल सत्ता बरकरार रखी, बल्कि पूर्ण बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड भी बनाया। प्रदेश के 37 वर्षों के राजनीतिक इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की।
‘बुलडोजर बाबा’ की पहचान और पूरे देश में चर्चा में आया योगी मॉडल
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को अपनी सरकार की प्राथमिकता बनाया। अपराधियों, भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं।
अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई इतनी चर्चित हुई कि जनता और राजनीतिक गलियारों में उन्हें ‘बुलडोजर बाबा’ कहा जाने लगा। कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर विकसित यह मॉडल बाद में कई अन्य राज्यों में भी चर्चा का विषय बना। मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और हरियाणा सहित कई राज्यों में इस मॉडल की तुलना और चर्चा होती रही।
विकास और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ी सरकार
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया। प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार ने उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ की नई पहचान दिलाई। सड़क, हवाई अड्डे, औद्योगिक गलियारे और निवेश परियोजनाओं के माध्यम से विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया गया।
इसके साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का विकास, प्रयागराज, मथुरा और चित्रकूट में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं। सरकार ने सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक पर्यटन को विकास के साथ जोड़ने की रणनीति पर काम किया।
राजनीति, प्रशासन और जनस्वीकार्यता का अनूठा सफर
एक संन्यासी से मुख्यमंत्री तक का योगी आदित्यनाथ का सफर भारतीय राजनीति की चर्चित यात्राओं में गिना जाता है। सबसे युवा सांसद बनने से लेकर सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने तक, उन्होंने कई ऐसे रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं जो उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अलग स्थान दिलाते हैं। यही वजह है कि उनके समर्थक उन्हें मजबूत प्रशासन, निर्णायक नेतृत्व और स्पष्ट राजनीतिक दृष्टि वाले नेता के रूप में देखते हैं।
