Stock Market Crash Today: खुलते ही बाजार में हड़कंप, सेंसेक्स 700+ अंक टूटा, निफ्टी 25600 के नीचे; आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से निवेशक सहमे

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मुंबई। शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत झटकेदार रही और ओपनिंग बेल बजते ही तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। बीएसई सेंसेक्स 755 अंक टूटकर 82,919 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 223 अंकों की गिरावट के साथ 25,583 के नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में मार्केट ब्रेड्थ बेहद कमजोर रही, जिससे बाजार में घबराहट का माहौल देखने को मिला।

आईटी सेक्टर बना गिरावट का सबसे बड़ा कारण
शुरुआती ट्रेड में आईटी शेयरों में जोरदार बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा। इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और विप्रो जैसे दिग्गज स्टॉक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी बाजारों में एआई से जुड़े शेयरों में आई गिरावट और तथाकथित “एंथ्रोपिक शॉक” की आशंकाओं ने भारतीय आईटी कंपनियों पर दबाव बढ़ा दिया। चूंकि आईटी सेक्टर भारत इंक का दूसरा सबसे बड़ा प्रॉफिट पूल माना जाता है, इसलिए इसकी कमजोरी का असर पूरे बाजार पर दिखा।

अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेत
वैश्विक संकेत भी बाजार की कमजोरी का अहम कारण बने। टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ग्लोबल निवेशकों का भरोसा डगमगाया। विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल इसे बड़ी गिरावट नहीं कहा जा सकता, लेकिन अगर अमेरिकी बाजारों में दबाव जारी रहता है तो इसका असर उभरते बाजारों—खासकर भारत—पर भी पड़ सकता है। पिछले वर्ष की वैश्विक तेजी एआई थीम पर आधारित रही थी, जिसमें भारत की हिस्सेदारी सीमित थी; ऐसे में एआई ट्रेड ठंडा पड़ने पर लंबी अवधि में भारतीय बाजार को संतुलन का लाभ भी मिल सकता है।

आज किन शेयरों पर रहेगी खास नजर
आज के कारोबार में कई स्टॉक्स फोकस में रह सकते हैं, जिनमें कोल इंडिया, ओएनजीसी, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, बायोकॉन, इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड, मुथूट फाइनेंस, पीआई इंडस्ट्रीज, आईआरसीटीसी और पेट्रोनेट एलएनजी शामिल हैं। वहीं जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स को 615 करोड़ रुपये का नया प्रोजेक्ट मिला है, जबकि AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के एमडी और सीईओ की पुनर्नियुक्ति को आरबीआई से मंजूरी मिली है। साथ ही गेल इंडिया में नए चेयरमैन की नियुक्ति चर्चा में है।

क्या करें निवेशक? विशेषज्ञों की सलाह
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी गिरावट में घबराकर बिकवाली करना समझदारी नहीं होती। उनका कहना है कि मजबूत फंडामेंटल और अच्छे तिमाही नतीजे देने वाली क्वालिटी कंपनियों में गिरावट के दौरान चरणबद्ध निवेश बेहतर रणनीति हो सकती है। खासतौर पर ऑटो सेक्टर में मजबूती बरकरार रहने की संभावना जताई जा रही है, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों को अवसर मिल सकता है।

 

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