तमिलनाडु की TVK सरकार का पहला पूर्ण बजट 5 अगस्त को, अगले दिन पेश होगा अलग कृषि बजट; किसानों पर रहेगा खास फोकस

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चेन्नई: तमिलनाडु में टीवीके सरकार अपने कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट 5 अगस्त को विधानसभा में पेश करेगी। विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि आम बजट के अगले ही दिन यानी 6 अगस्त को राज्य का पृथक कृषि बजट भी पेश किया जाएगा। सरकार का कहना है कि कृषि बजट में किसानों के लिए लक्षित सब्सिडी और कृषि विकास से जुड़ी नई योजनाओं का खाका रखा जाएगा।

सरकार की ओर से अलग कृषि बजट पेश किए जाने को किसानों की जरूरतों पर केंद्रित महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसमें खेती की लागत कम करने और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई प्रस्ताव शामिल किए जा सकते हैं।

किसानों के लिए लक्षित सब्सिडी और नई योजनाओं पर रहेगा जोर

कृषि मंत्री आर. विनोद 6 अगस्त को विधानसभा में अलग कृषि बजट पेश करेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस बजट का मुख्य उद्देश्य किसानों को सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाना होगा। सरकार खेती की लागत कम करने, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और लक्षित सब्सिडी के जरिए कृषि उत्पादन बढ़ाने की योजना तैयार कर रही है। इन प्रस्तावों से विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

भारी कर्ज के बावजूद किसान कल्याण पर सरकार का भरोसा

हाल ही में राज्य सरकार की ओर से जारी श्वेत पत्र में बताया गया था कि तमिलनाडु पर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, जबकि राज्य की कुल देनदारियां बढ़कर 13.18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने स्पष्ट किया है कि किसान कल्याण और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

सरकार का दावा है कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर बचाई गई राशि का उपयोग कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों के हित में किया जाएगा।

कृषि बजट से जुड़ी प्रमुख बातें

कृषि बजट 6 अगस्त को विधानसभा में पेश किया जाएगा।

किसानों के लिए जरूरत आधारित लक्षित सब्सिडी का प्रावधान किए जाने की तैयारी है।

सिंचाई परियोजनाओं और कृषि आधारभूत ढांचे के लिए विशेष फंड मिलने की संभावना है।

विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा।

किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।

चुनावी वादों को पूरा करने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की जा सकती है।

आर्थिक दबाव के बावजूद किसान कल्याण योजनाओं को जारी रखने का सरकार ने दावा किया है।

सरकार के सामने वादों को निभाने की चुनौती

टीवीके सरकार के लिए यह पहला पूर्ण बजट और कृषि बजट दोनों ही अहम माने जा रहे हैं। इसे चुनावी वादों को धरातल पर उतारने की दिशा में पहली बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। सत्ता में आने से पहले मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पिछली सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप लगाए थे। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि उनकी सरकार सीमित वित्तीय संसाधनों के बीच किसानों के लिए कितनी प्रभावी योजनाएं पेश करती है।

 

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