हर वक्त पेट रहता है गुब्बारे की तरह फूला? गैस नहीं, शरीर में इस विटामिन की कमी भी हो सकती है बड़ी वजह
पेट फूलना यानी ब्लोटिंग को अक्सर लोग गैस, एसिडिटी या गलत खानपान से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। खासतौर पर महिलाओं में यह समस्या आम मानी जाती है। लेकिन अगर पेट फूलने के साथ लगातार थकान, चिड़चिड़ापन, उदासी या मूड में बदलाव महसूस हो रहा है, तो इसके पीछे केवल पाचन तंत्र नहीं, बल्कि शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी एक अहम कारण हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो इन्हें हल्के में लेना नुकसानदेह हो सकता है।
आयरन की कमी से बढ़ सकती है ब्लोटिंग की परेशानी
डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में आयरन की कमी होने पर एनीमिया की स्थिति बन जाती है। इस दौरान सिर्फ कमजोरी ही नहीं, बल्कि पेट फूलना, शरीर में भारीपन और मानसिक अस्थिरता जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं। आयरन की कमी से शरीर में हल्की सूजन की स्थिति पैदा हो सकती है, जो ब्लोटिंग, थकान और चिड़चिड़ेपन को और बढ़ा देती है।
हीमोग्लोबिन कम होने पर क्यों बिगड़ती है सेहत
आयरन का सीधा संबंध हीमोग्लोबिन से होता है, जो शरीर में ऑक्सीजन को एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचाने का काम करता है। जब हीमोग्लोबिन का स्तर गिरता है, तो दिमाग और मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसका असर न सिर्फ शारीरिक ऊर्जा पर पड़ता है, बल्कि मानसिक स्थिति भी प्रभावित होती है।
एनीमिया के संकेत जो अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं
हीमोग्लोबिन या आयरन की कमी से पीड़ित महिलाओं में लगातार थकान, मानसिक सुस्ती, उदासी, मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन देखा जाता है। कई मामलों में पेट फूलना, एक्सरसाइज के दौरान जल्दी थक जाना और शरीर में भारीपन भी सामने आता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पोषण की कमी से होने वाली पुरानी सूजन मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकती है, जिससे ये लक्षण और गंभीर हो जाते हैं।
पेट फूलने की समस्या को हल्के में न लें
अगर खानपान सुधारने, आराम करने और लाइफस्टाइल बदलने के बाद भी पेट फूलने और थकान की समस्या बनी रहती है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है, ताकि समय रहते सही कारण पता चल सके।
कौन-कौन सी जांच जरूरी
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे मामलों में हीमोग्लोबिन, फेरिटिन, विटामिन B12 और सूजन से जुड़ी जांच करानी चाहिए। सही समय पर जांच और उपचार से न सिर्फ ब्लोटिंग, बल्कि इससे जुड़ी अन्य शारीरिक और मानसिक परेशानियों से भी राहत मिल सकती है।
