किडनी की सेहत बिगाड़ सकती हैं ये 6 बुरी आदतें, मरीज समय रहते हो जाएं सतर्क

a-172

नई दिल्ली: किडनी शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो रक्त को फिल्टर कर अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त तरल को मूत्र के माध्यम से बाहर निकालने का काम करती है। यदि किडनी ठीक से काम न करे तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को कुछ आदतों से बचना चाहिए, क्योंकि ये समस्या को और गंभीर बना सकती हैं।

जरूरत से ज्यादा देर तक न सोएं

पर्याप्त नींद अच्छी सेहत के लिए जरूरी है, लेकिन जरूरत से अधिक देर तक सोने की आदत किडनी के मरीजों के लिए ठीक नहीं मानी जाती। लंबे समय तक मूत्र रोककर रखने की स्थिति बनने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए नियमित दिनचर्या बनाए रखना बेहतर माना जाता है।

नमक का अधिक सेवन करें सीमित

किडनी की बीमारी में अधिक नमक का सेवन नुकसानदायक हो सकता है। नमक में मौजूद सोडियम रक्तचाप बढ़ा सकता है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह के अनुसार कम नमक वाला आहार अपनाना फायदेमंद हो सकता है।

शराब से बनाएं दूरी

विशेषज्ञों के अनुसार, शराब का सेवन किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। यदि पहले से किडनी संबंधी बीमारी है, तो शराब से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी जाती है, ताकि बीमारी के बढ़ने का खतरा कम हो सके।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना है जरूरी

शरीर को हाइड्रेट रखना किडनी के लिए बेहद आवश्यक है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। हालांकि, जिन मरीजों को गंभीर किडनी रोग या डायलिसिस की जरूरत होती है, उन्हें पानी की मात्रा हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही तय करनी चाहिए।

शारीरिक रूप से सक्रिय रहें

किडनी की समस्या होने पर पूरे दिन निष्क्रिय रहने के बजाय हल्की शारीरिक गतिविधियां करना लाभकारी माना जाता है। नियमित टहलना, हल्का व्यायाम या योग शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है। किसी भी व्यायाम की शुरुआत से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन डॉक्टर की सलाह से करें

किडनी के कई मरीजों में शरीर से अतिरिक्त पोटैशियम बाहर नहीं निकल पाता। ऐसे मामलों में आलू, शकरकंद, केला और एवोकाडो जैसे पोटैशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करने की सलाह दी जा सकती है। हालांकि, यह सभी मरीजों पर समान रूप से लागू नहीं होता, इसलिए आहार में बदलाव हमेशा डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह पर ही करें।

डॉक्टर की सलाह के बिना इलाज में बदलाव न करें

किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या में केवल घरेलू उपायों या खान-पान में बदलाव पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। नियमित जांच, समय पर दवाएं और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार जीवनशैली अपनाना ही किडनी को स्वस्थ रखने का सबसे सुरक्षित तरीका है।

 

एक नज़र