सिर्फ 15 मिनट की ये 6 एक्सरसाइज बदल सकती हैं आपकी फिटनेस, रिसर्च में सामने आए चौंकाने वाले फायदे

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नई दिल्ली: शरीर को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए लोग घंटों जिम में पसीना बहाते हैं, लेकिन एक अध्ययन में सामने आया है कि सप्ताह में सिर्फ एक दिन 15 से 20 मिनट की वेट ट्रेनिंग भी शरीर की ताकत और फिटनेस बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सही तरीके से छह बेसिक एक्सरसाइज की जाएं तो कम समय में भी बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

अध्ययन में बताया गया है कि सप्ताह में एक बार की जाने वाली वेट ट्रेनिंग से शरीर की मांसपेशियों की ताकत में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। इस रूटीन में चेस्ट प्रेस, पुलडाउन, लेग प्रेस, एब्डॉमिनल फ्लेक्सन, बैक एक्सटेंशन और हिप एडक्शन या एबडक्शन जैसी छह प्रमुख एक्सरसाइज शामिल थीं।

15 हजार लोगों पर सात साल तक चला अध्ययन

इस अध्ययन में 18 से 80 वर्ष की आयु के करीब 15 हजार पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया। सभी प्रतिभागियों ने लगभग सात वर्षों तक इस रूटीन का पालन किया। अध्ययन में पाया गया कि सप्ताह में केवल एक बार वेट ट्रेनिंग करने वालों के ऊपरी और निचले शरीर की ताकत में लगभग 60 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई।

रिसर्च में यह भी सामने आया कि सीमित समय तक की गई स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी शरीर की ताकत बढ़ाने में प्रभावी हो सकती है।

वेट ट्रेनिंग से मिल सकते हैं कई स्वास्थ्य लाभ

अध्ययन से जुड़े प्रमुख शोधकर्ता और फिटनेस विशेषज्ञ जेम्स स्टील के अनुसार, वेट ट्रेनिंग शरीर को मजबूत बनाने के साथ लंबे समय तक स्वस्थ रहने में भी मदद कर सकती है। वर्ष 2022 की एक रिसर्च में भी पाया गया था कि शारीरिक रूप से मजबूत लोगों में लंबी उम्र की संभावना अधिक होती है।

रिसर्च के मुताबिक, जो लोग नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं, उनमें समय से पहले मृत्यु का जोखिम ट्रेनिंग न करने वालों की तुलना में करीब 15 प्रतिशत कम पाया गया। इसके अलावा रेसिस्टेंस एक्सरसाइज मोटापे को नियंत्रित करने, चिंता कम करने, मांसपेशियों के विकास, ब्लड शुगर नियंत्रित रखने और मेटाबोलिज्म बेहतर बनाने में भी सहायक मानी गई है।

सप्ताह में दो बार भी नहीं कर पाते कई लोग स्ट्रेंथ ट्रेनिंग

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के हालिया आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में एक-तिहाई से भी कम वयस्क सप्ताह में कम से कम दो बार नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे भी कम हो सकती है, क्योंकि यह आंकड़े प्रतिभागियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं।

ये हैं 6 आसान वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज

अध्ययन में शामिल सभी प्रतिभागियों ने जिम में उपलब्ध मशीनों की मदद से छह सामान्य एक्सरसाइज कीं। इनमें चेस्ट प्रेस, पुलडाउन, लेग प्रेस, एब्डॉमिनल फ्लेक्सन, बैक एक्सटेंशन और हिप एडक्शन या एबडक्शन शामिल थे।

हर एक्सरसाइज में प्रतिभागी लगभग 10 सेकंड तक वजन उठाते थे और अगले 10 सेकंड में उसे धीरे-धीरे नीचे लाते थे, ताकि सांस लेने की प्रक्रिया सामान्य बनी रहे। प्रत्येक सेट को तब तक दोहराया जाता था, जब तक प्रशिक्षक को लगता कि प्रतिभागी सुरक्षित रूप से अगला दोहराव कर सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति छह से अधिक रेप्स आसानी से पूरा कर लेता था तो उसके अनुसार वजन बढ़ाया जाता था।

एक एक्सरसाइज से दूसरी एक्सरसाइज के बीच करीब 20 सेकंड का अंतर रखा जाता था और पूरा रूटीन लगभग 15 से 20 मिनट में पूरा हो जाता था।

पहले साल में तेजी से बढ़ी मांसपेशियों की ताकत

विशेषज्ञों के अनुसार, इस साप्ताहिक रूटीन का सबसे अधिक असर शुरुआती दौर में देखने को मिला। अध्ययन के पहले वर्ष में अधिकांश प्रतिभागियों की ताकत में लगभग 30 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई। इसके बाद आने वाले वर्षों में मांसपेशियों की ताकत में अतिरिक्त 10 से 20 प्रतिशत तक सुधार दर्ज किया गया।

अध्ययन में यह भी बताया गया कि यदि इन छह बेसिक एक्सरसाइज को नियमित रूप से किया जाए तो सप्ताह में केवल एक बार व्यायाम करके भी शरीर को मजबूत बनाया जा सकता है।

 

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