ताइवान में टाइफून चांपी का कहर: समुद्र में उठीं विशाल लहरें, एक की मौत और 527 लोग घायल; बिजली-पानी से लेकर उड़ानों तक पर असर
ताइपे: ताइवान में टाइफून चांपी ने भारी तबाही मचाई है। शनिवार तड़के तूफान के प्रभाव से तेज हवाएं चलीं, भारी बारिश हुई और समुद्र में विशाल लहरें उठीं। लहरों में बहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 527 लोग घायल हुए हैं। तूफान के चलते कई इलाकों में पेड़ गिर गए और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। हवाई यातायात पर भी असर पड़ा और शनिवार को 242 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
कमजोर पड़ा तूफान, फिर भी तेज हवाओं का असर
रिपोर्ट के मुताबिक, टाइफून चांपी अब कमजोर पड़ने के बाद उत्तर दिशा में चीन के तट की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, तूफान के केंद्र के पास हवा की रफ्तार करीब 126 किलोमीटर प्रति घंटा बनी हुई थी।
शनिवार को यह ताइवान के उत्तर-पूर्वी तट के पास से गुजरने के बाद द्वीप से लगभग 150 किलोमीटर पूर्व में था। पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान उत्तर की ओर बढ़ते हुए चीनी तट की तरफ मुड़ेगा और आगे दक्षिणी जापान की दिशा में जा सकता है।
समुद्र में ऊंची लहरें, ताइपे में गिरे पेड़
तूफान के नजदीक पहुंचने के दौरान समुद्र में उठी विशाल लहरें तट से टकराती दिखाई दीं। ताइवान के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया।
ताइवान के अग्निशमन विभाग के अनुसार, लियुकियू द्वीप पर एक व्यक्ति समुद्र की लहरों में बह गया, जिससे उसकी मौत हो गई। तूफान से जुड़ी घटनाओं में 527 लोग घायल हुए हैं।
राजधानी ताइपे में तेज हवाओं के कारण कई पेड़ गिर गए। इससे सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज बारिश और आंधी ने भी हालात मुश्किल बनाए रखे।
1.67 लाख से ज्यादा घरों की बिजली गुल
टाइफून चांपी के कारण ताइवान में बिजली आपूर्ति बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई। सरकारी बिजली कंपनी ताईपावर के मुताबिक, एक समय पर 1,67,000 से अधिक घरों की बिजली चली गई थी। हालांकि, प्रभावित घरों में से अधिकांश की बिजली जल्द ही बहाल कर दी गई।
242 उड़ानें रद्द, परिवहन सेवाओं पर असर
तूफान का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। ताइवान के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को 242 उड़ानें रद्द की गईं। इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को करीब 1,000 उड़ानें रद्द हुई थीं। शनिवार को रद्द उड़ानों की संख्या में कमी दर्ज की गई, लेकिन यात्रियों को फिर भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
