संसद चलो मार्च में बवाल! पुलिस-प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़प, 118 पुलिसकर्मी घायल, 70 लोग हिरासत में
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए। जंतर-मंतर, जनपथ और रायसीना रोड सहित कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। दिनभर चले हंगामे के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया, लेकिन देर रात वे फिर से प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने निषेधाज्ञा (धारा 163) का उल्लंघन करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
अभिजीत दिपके ने ढाई दिन बाद तोड़ा अनशन
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को करीब ढाई दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने 18 जुलाई को सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने के बाद भूख हड़ताल शुरू की थी।
सरकारी संपत्ति को नुकसान, कई वाहन क्षतिग्रस्त
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया गया और सुरक्षाबलों पर पथराव हुआ। इस दौरान 15 से 20 सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा। जनपथ इलाके में कुछ दुकानों में भी तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।
118 पुलिसकर्मी घायल, प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी
झड़प के दौरान स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी रैंक के अधिकारियों सहित 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वहीं, करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। घटना में घायल एक पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि जनपथ के पास अचानक पथराव शुरू हुआ और ऐसा प्रतीत हुआ कि पत्थर पहले से एकत्र कर रखे गए थे।
70 प्रदर्शनकारी हिरासत में, एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी
स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए कई लोग छात्र नहीं हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
जेपी नड्डा से दो चरणों में हुई बातचीत
प्रदर्शन के बीच CJP के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से दो दौर की बातचीत की। पहली बैठक सुबह हुई, जिसमें प्रतिनिधियों से उनकी मांगों का विस्तृत विवरण मांगा गया। इसके बाद शाम को लिखित ज्ञापन सौंपा गया। बताया गया कि बैठक में मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधियों से आंदोलन समाप्त कर शांति बनाए रखने की अपील की।
पूरे घटनाक्रम पर सरकार की रही नजर
दिनभर चले घटनाक्रम पर केंद्र सरकार लगातार नजर बनाए रही। गृह मंत्री अमित शाह वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में रहे। सुरक्षा एजेंसियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यकता पड़ने पर ही न्यूनतम बल प्रयोग करने के निर्देश दिए गए।
आज भी जारी रहेगा संसद मार्च
पुलिस कार्रवाई और दिनभर की तनातनी के बावजूद प्रदर्शनकारी देर रात फिर जंतर-मंतर पहुंच गए। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने घोषणा की कि संसद तक मार्च मंगलवार को भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा और प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।
