उत्तर प्रदेश में वाहन फिटनेस का नियम बदला, अब 23 लाख व्यावसायिक वाहनों की जांच होगी निजी एटीएस पर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर नया आदेश जारी किया है। सोमवार से मैनुअल फिटनेस जांच पूरी तरह बंद कर दी गई है। अब 23 लाख से अधिक व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस केवल निजी ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) पर होगी। सभी 75 जिलों में व्यावसायिक वाहनों को नजदीकी 13 निजी एटीएस में आवंटित किया गया है।
नए नियम के तहत फिटनेस प्रक्रिया
ऑनलाइन वाहन फिटनेस का स्लॉट बुक कराने पर नजदीकी एटीएस का ही स्लॉट बुक होता है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने 14 नवंबर 2024 और 1 अप्रैल 2025 को मुख्य सचिव परिवहन को पत्र भेजकर वाहन फिटनेस आटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर (एटीएस) पर कराने का निर्देश दिया था। 17 नवंबर को अंतिम आदेश जारी किया गया था कि 1 जनवरी से सभी वाहनों का फिटनेस केवल एटीएस के माध्यम से ही कराया जाएगा।
लंबी दूरी तय करने की चुनौती
लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित एकेआरएस एटीएस प्राइवेट लिमिटेड केंद्र अब रायबरेली, उन्नाव, बाराबंकी, हरदोई और सीतापुर जिलों के व्यावसायिक वाहनों को भी फिटनेस सुविधा प्रदान करेगा। इससे वाहन मालिकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। सीतापुर जिले के महोली कस्बे से बीकेटी आने वाले वाहन चालकों को 150 किलोमीटर से अधिक का सफर करना होगा। ई-रिक्शा के लिए यह चुनौती और भी बड़ी है क्योंकि बैट्री डिस्चार्ज होने का खतरा रहता है।
फिटनेस न कराने पर जुर्माना
नए नियम के अनुसार नए व्यावसायिक वाहनों को पंजीकरण के बाद आठ साल तक हर दो साल में और उसके बाद प्रत्येक वर्ष फिटनेस कराना अनिवार्य है। फिटनेस न कराने पर पहली बार 5,000 रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का चालान लगाया जाएगा।
प्रदेश में एटीएस की स्थिति
प्रदेश के हर जिले में तीन-तीन निजी एटीएस खोलने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अभी कई जिलों में एटीएस अधर में हैं। राजधानी में एक एटीएस संचालित है और बंथरा में दूसरा केंद्र तैयार है। बिजनौर, फिरोजाबाद, झांसी, कानपुर देहात, मुरादाबाद, वाराणसी, बरेली, रामपुर, फतेहपुर, कानपुर नगर, आगरा और मीरजापुर में फिलहाल एटीएस चालू हैं। कई जिलों में जल्द ही केंद्र बनकर तैयार होंगे और नए एटीएस खोलने के आवेदन लंबित हैं।
