नए साल पर भारत-नेपाल सीमा में हिंसा, कारोबारी की गोली लगने से मौत के बाद उग्र प्रदर्शन; सैकड़ों भारतीय वाहन फंसे
अररिया/सुनसरी। नए साल 2026 के पहले ही दिन भारत-नेपाल सीमा पर हालात तनावपूर्ण हो गए। अररिया से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में एक कारोबारी की गोली लगने से मौत के बाद उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इस हिंसा का सीधा असर नए साल का जश्न मनाने नेपाल गए सैकड़ों भारतीयों पर पड़ा, जिनके वाहन सीमा पार जाम में फंस गए। लौकही क्षेत्र में हालात इतने बिगड़े कि आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
सीमा पर क्यों भड़की हिंसा?
गुरुवार को अररिया के बेला गांव से सटी नेपाल की कोसी गांवपालिका में दिनभर पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प होती रही। प्रदर्शनकारियों ने नेपाल के प्रमुख पूर्व-पश्चिम राजमार्ग को लौकही के पास जाम कर दिया। सड़क पर उतरे लोगों और नेपाल पुलिस के बीच पथराव हुआ, जिसमें कई स्थानीय नागरिकों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है।
नेपाल गए भारतीय जाम में फंसे
नए साल का जश्न मनाने नेपाल की वादियों और पिकनिक स्पॉट्स की ओर निकले सैकड़ों भारतीय परिवार इस बवाल की चपेट में आ गए। प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों भारतीय वाहनों को बीच रास्ते में रोक दिया। हालात बिगड़ने पर आक्रोशित भीड़ ने नेपाल आर्म्स पुलिस की एक चौकी में आग लगा दी। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जबकि प्रदर्शनकारियों ने बोतल वाले पेट्रोल बम से हमला किया। इस हिंसा में नेपाल सशस्त्र बल के कई जवानों के घायल होने की सूचना है।
कारोबारी की गोली लगने से मौत
घटना की जड़ 31 दिसंबर की रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, 45 वर्षीय कारोबारी विजय साह ई-रिक्शा पर भारत से नेपाल की ओर सात बोरी चीनी, खैनी, सर्फ और चॉकलेट लेकर जा रहा था। नेपाल सशस्त्र पुलिस बल ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह वाहन लेकर भागने लगा।
नेपाल पुलिस का दावा है कि आगे चल रहे ई-रिक्शा पर सवार लोगों ने जवानों पर दो राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। इस दौरान विजय साह को चार गोलियां लगने की बात कही जा रही है, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मुठभेड़ या सीधा हमला?
कारोबारी की मौत के बाद लौकही इलाके में आक्रोश फैल गया। लोगों ने शव और ई-रिक्शा को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थानीय लोग पुलिस के मुठभेड़ के दावे को खारिज कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यह कोई दोतरफा भिड़ंत नहीं, बल्कि तस्करी के सामान को पार कराने के एवज में पैसों के लेनदेन को लेकर हुआ विवाद था, जिसके बाद कारोबारी को गोली मारी गई।
प्रशासन का बयान
नेपाल सशस्त्र पुलिस बल कोशी प्रदेश के डीआईजी कुमार न्यौपाने ने कहा कि जवानों ने जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की। वहीं, सुनसरी जिला पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता डीएसपी चंद्र खड़का ने बताया कि घटनास्थल से दो खोखे बरामद किए गए हैं। कारोबारी को कितनी गोलियां लगीं, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। हालात को देखते हुए सुनसरी के एसपी खुद मौके पर कैंप कर रहे हैं और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
नया साल का जश्न बना मायूसी
हिंसा और जाम के चलते नेपाल घूमने गए सैकड़ों भारतीय अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। घंटों जाम में फंसे रहने के बाद कई परिवारों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। नए साल की खुशियां सीमा पर हुए इस बवाल में मातम में बदल गईं।
