योगी सरकार का बड़ा फैसला, 56.26 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन से पूर्वांचल, मध्यांचल और बुंदेलखंड में उद्योगों को मिलेगी रफ्तार

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए योगी सरकार ने चार औद्योगिक इकाइयों को 56.26 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रोत्साहन देने की मंजूरी दी है। यह फैसला पूर्वांचल, मध्यांचल और बुंदेलखंड में औद्योगिक गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को हुई एम्पावर्ड कमेटी की 12वीं बैठक में कोविड-19 त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत इन प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

तीन क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी

प्रदेश सरकार का जोर राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को गति देने पर है। इसी दिशा में चार औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस तरह की सहायता से औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और संबंधित क्षेत्रों में उद्योगों की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जेके सीमेंट को 10.11 करोड़ रुपये की मंजूरी

स्वीकृत प्रस्तावों के तहत हमीरपुर स्थित जेके सीमेंट लिमिटेड को जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के लिए 10.11 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा।

वहीं, बाराबंकी में स्थित ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड को जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक की तीन तिमाहियों के लिए 12.77 करोड़ रुपये देने की मंजूरी मिली है।

कनोडिया सीमेंट को मिलेंगे 7.41 करोड़ रुपये

अमेठी स्थित कनोडिया सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड को अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक की दो तिमाहियों के लिए 7.41 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रोत्साहन को मंजूरी दी गई है।

इन तीन कंपनियों को स्वीकृत प्रोत्साहन राशि के अलावा चौथी औद्योगिक इकाई के प्रस्ताव का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। चारों इकाइयों के लिए कुल स्वीकृत वित्तीय प्रोत्साहन 56.26 करोड़ रुपये है।

कोविड-19 त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत फैसला

यह निर्णय कोविड-19 त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के अंतर्गत लिया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एम्पावर्ड कमेटी ने संबंधित प्रस्तावों पर विचार करने के बाद वित्तीय सहायता को मंजूरी दी। इस कदम को प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

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