Grok AI की अश्लील तस्वीरों पर मचा बवाल, एलन मस्क की X के खिलाफ EU ने शुरू की औपचारिक जांच
नई दिल्ली। एलन मस्क की कंपनी एक्स एक बार फिर यूरोपीय संघ के निशाने पर आ गई है। यूरोपीय संघ ने एक्स के एआई टूल ‘ग्रोक’ के जरिए अश्लील तस्वीरों के कथित प्रसार को लेकर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई है, जिनमें कहा गया है कि ग्रोक के माध्यम से आपत्तिजनक और अवैध सामग्री फैल रही है।
यूरोपीय आयोग ने X की जिम्मेदारी पर उठाए सवाल
27 देशों के समूह यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा यूरोपीय आयोग ने सोमवार को बताया कि वह यह जांच करेगा कि क्या एक्स ने ग्रोक की कार्यप्रणाली से जुड़े संभावित जोखिमों का सही आकलन किया और उन्हें कम करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए। आयोग यह भी परखेगा कि प्लेटफॉर्म ने यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी उपाय अपनाए या नहीं।
डीपफेक तस्वीरों को लेकर पहले से बढ़ी चिंता
यह जांच ऐसे समय शुरू हुई है, जब दो सप्ताह पहले ब्रिटिश मीडिया नियामक ऑफकॉम ने ग्रोक द्वारा यौन रूप से अंतरंग डीपफेक तस्वीरें बनाए जाने की आशंकाओं पर अपनी जांच शुरू की थी। इसके अलावा इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया जैसे देशों ने इस चैटबॉट को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का फैसला लिया था।
AI से बनी अश्लील सामग्री पर सख्त रुख
यूरोपीय आयोग ने इस महीने की शुरुआत में ही स्पष्ट किया था कि एक्स पर साझा की जा रही एआई-जनित अश्लील तस्वीरें न सिर्फ गैरकानूनी हैं, बल्कि बेहद भयावह भी हैं। आयोग का कहना है कि ऐसे कंटेंट से यूजर्स की सुरक्षा और ऑनलाइन माहौल पर गंभीर असर पड़ता है।
DSA के तहत WhatsApp को भी बड़ी जिम्मेदारी
इसी बीच यूरोपीय आयोग ने सोमवार को यह भी घोषणा की कि उसने औपचारिक रूप से व्हाट्सएप को यूरोपीय संघ के डिजिटल सेवा अधिनियम (DSA) के तहत एक ‘बहुत बड़ा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म’ घोषित किया है। इसके बाद अब व्हाट्सएप पर भी अवैध और हानिकारक सामग्री से निपटने की जिम्मेदारी और कड़ी हो गई है।
