Ber Benefits: एक दिन में कितने बेर खाना है सही? रोजाना सेवन से सेहत को मिलते हैं ये बड़े फायदे
सर्दियों के आखिरी दिनों में बाजारों में दिखने वाला बेर स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना माना जाता है। जनवरी के अंत से फरवरी-मार्च तक मिलने वाला यह छोटा सा फल आयुर्वेद में ‘बदर’ के नाम से जाना जाता है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में बेर का इस्तेमाल कई औषधियों में किया गया है। सिरदर्द, नकसीर, मुंह के छाले, दस्त, उल्टी, पाइल्स और बवासीर जैसी समस्याओं में इसे लाभकारी माना जाता है। आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, सही मात्रा में बेर का सेवन शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकता है।
एक दिन में कितने बेर खाना है सुरक्षित
बेर आकार में छोटा होता है, इसलिए लोग अक्सर बिना गिने इसे खा लेते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, एक बार में 5 से 6 बड़े आकार के बेर खाए जा सकते हैं। अगर बेर छोटे हों तो करीब एक कप बेर का सेवन किया जा सकता है। इन्हें साफ पानी से धोकर सीधे खाया जा सकता है। आयुर्वेद में केवल फल ही नहीं, बल्कि बेर के पत्तों और गुठली का भी औषधीय उपयोग बताया गया है।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, बढ़ती उम्र के असर को करे कम
बेर में फ्लेवोनोइड्स, पॉलीसेकेराइड्स और ट्राइटरपेनिक एसिड जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से बेर खाने से कोशिकाओं को होने वाले नुकसान में कमी आती है और यह एंटी-एजिंग के रूप में भी काम करता है।
नींद और दिमाग की सेहत में सुधार
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर बेर का असर नींद और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर भी पड़ता है। आयुर्वेद में बेर के बीजों का उपयोग अच्छी नींद लाने के लिए किया जाता है। जिन लोगों को अनिद्रा या बेचैनी की समस्या रहती है, उनके लिए बेर फायदेमंद साबित हो सकता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को करता है मजबूत
बेर में संतरे से भी अधिक मात्रा में विटामिन C पाया जाता है। यही वजह है कि इसे इम्युनिटी बढ़ाने वाला फल माना जाता है। यह शरीर को मौसमी बीमारियों से बचाने में मदद करता है और कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि से लड़ने में सहायक माना जाता है। विटामिन C की भरपूर मौजूदगी इसके कैंसर रोधी गुणों को और मजबूत बनाती है।
पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद
बेर में फाइबर की मात्रा अधिक और कैलोरी कम होती है, जिससे यह पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी बन जाता है। अध्ययनों के अनुसार, बेर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा फाइबर से आता है। यह कब्ज की समस्या को कम करता है और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है।
