Tulsi Care Tips: सूखती तुलसी में जान फूंक देगी घर की ये देसी खाद, पीली पत्तियां कुछ ही दिनों में होंगी हरी-भरी
तुलसी का पौधा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि आयुर्वेद में भी इसका विशेष महत्व है। घर में तुलसी का पौधा होना शुभ माना जाता है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही इसकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। मौसम की मार, सही देखभाल की कमी और पोषण न मिलने के कारण अक्सर तुलसी का पौधा सूखने लगता है और उसकी पत्तियां पीली पड़ जाती हैं। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। घर में आसानी से तैयार होने वाली कुछ देसी खाद से आप अपनी तुलसी को फिर से हरा-भरा बना सकते हैं।
गलत देखभाल से कमजोर हो जाता है तुलसी का पौधा
विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा ठंड, तेज धूप, अनियमित पानी और खाद की कमी तुलसी के पौधे की ग्रोथ को प्रभावित करती है। सर्दियों में या मौसम बदलते समय पौधा जल्दी कमजोर हो जाता है। अगर समय रहते सही पोषण दे दिया जाए, तो सूखता हुआ पौधा भी दोबारा जीवन पा सकता है।
गोबर या वर्मी कंपोस्ट से मिलेगी नई ताकत
तुलसी के लिए गोबर की खाद सबसे बेहतर मानी जाती है। अगर यह उपलब्ध न हो, तो वर्मी कंपोस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। सर्दियां खत्म होने के बाद फरवरी महीने में खाद डालना ज्यादा फायदेमंद रहता है। इससे जड़ों को मजबूती मिलती है और पौधे की ग्रोथ तेजी से होने लगती है। नियमित रूप से हल्की मात्रा में खाद डालने से सूखता पौधा फिर से हरियाली लौटाने लगता है।
चाय की पत्ती से बढ़ेगी ग्रोथ
घर में रोज इस्तेमाल होने वाली चाय की पत्ती भी तुलसी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। चाय बनाने के बाद बची पत्तियों को साफ पानी से धोकर गमले की मिट्टी में डाल दें। चाय की पत्तियां नाइट्रोजन का अच्छा स्रोत होती हैं। महीने में दो से तीन बार इसका इस्तेमाल करने से पत्तियां हरी रहती हैं और पौधा तेजी से बढ़ने लगता है।
हल्दी वाला पानी करेगा फंगस का सफाया
कई बार तुलसी के पौधे में फंगस या कीड़े लगने से ग्रोथ रुक जाती है। ऐसे में हल्दी वाला पानी कारगर उपाय है। एक लीटर पानी में एक चम्मच हल्दी मिलाकर गमले में डालें। हल्दी की एंटीफंगल खूबियां पौधे को रोगों से बचाती हैं और जड़ों को मजबूत बनाती हैं।
एलोवेरा और छाछ से मिलेगी संजीवनी
अगर तुलसी का पौधा बहुत ज्यादा कमजोर हो गया है, तो पुरानी छाछ का इस्तेमाल किया जा सकता है। छाछ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है और पौधे को जरूरी पोषक तत्व देती है। इसके अलावा एलोवेरा जेल या एलोवेरा जूस भी गमले में डाल सकते हैं। इससे पौधा बीमारियों से बचा रहता है और उसकी ग्रोथ बेहतर होती है।
