पेशाब के दौरान दर्द या जलन को न करें नजरअंदाज! ये गंभीर बीमारियों का हो सकता है शुरुआती संकेत
नई दिल्ली: पेशाब करते समय दर्द, जलन या असहजता महसूस होना सामान्य समस्या नहीं मानी जाती। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह कई गंभीर संक्रमण या अन्य चिकित्सीय समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है। मिसिसिप्पी की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के अनुसार, करीब 30 प्रतिशत मरीजों को कभी न कभी पेशाब के दौरान दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते कारण की पहचान और उचित उपचार कराना जरूरी है।
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो सकता है वजह
पेशाब के दौरान दर्द और जलन का सबसे सामान्य कारण यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) माना जाता है। यह समस्या किसी भी व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन महिलाओं में इसका खतरा अधिक रहता है। बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के जरिए ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं और तेजी से बढ़ने लगते हैं, जिससे पेशाब के दौरान जलन और दर्द महसूस होता है।
यूटीआई में बार-बार पेशाब आने की इच्छा, धुंधला पेशाब और तेज दुर्गंध जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन भी हो सकता है कारण
यदि पेशाब के दौरान दर्द हो और यूटीआई की पुष्टि न हो, तो इसके पीछे सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (एसटीआई) भी हो सकता है। कई महिलाएं इसके शुरुआती लक्षणों को यूटीआई समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे इलाज में देरी हो सकती है।
एसटीआई के प्रमुख लक्षणों में प्राइवेट पार्ट में खुजली, योनि से होने वाले स्राव में बदलाव और घाव या छाले बनना शामिल हो सकते हैं।
सिस्टाइटिस में भी होती है परेशानी
सिस्टाइटिस ऐसी स्थिति है जिसमें ब्लैडर में सूजन आ जाती है। अधिकांश मामलों में इसका कारण बैक्टीरियल संक्रमण होता है। इस स्थिति में पेशाब करते समय दर्द और जलन महसूस हो सकती है। उचित दवाओं और उपचार से इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
किडनी इंफेक्शन का भी हो सकता है संकेत
यदि पेशाब के साथ खून आए और तेज दर्द भी महसूस हो, तो संक्रमण किडनी तक पहुंचने की आशंका हो सकती है। यह गंभीर स्थिति मानी जाती है।
किडनी इंफेक्शन में बुखार, पेट दर्द और ठंड लगने जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है और संक्रमण खून तक फैलने का खतरा भी रहता है।
किडनी या ब्लैडर स्टोन भी बन सकते हैं वजह
जब पेशाब में मौजूद मिनरल्स आपस में जुड़कर क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं, तो पथरी बन जाती है। यह किडनी या ब्लैडर दोनों में हो सकती है।
यदि पथरी मूत्र के प्रवाह में रुकावट पैदा करती है या ब्लैडर की परत को प्रभावित करती है, तो पेशाब करते समय तेज दर्द हो सकता है। छोटी पथरी में डॉक्टर अधिक पानी पीने की सलाह देते हैं, जबकि बड़ी पथरी को निकालने के लिए ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ सकती है।
महिलाओं में वजाइनल टियर भी हो सकता है कारण
महिलाओं में योनि का अत्यधिक सूखापन होने पर संबंध बनाने के दौरान हल्के घाव हो सकते हैं। ऐसे में पेशाब करते समय जलन और दर्द महसूस हो सकता है।
मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव की वजह से योनि की त्वचा और उसकी परत पतली हो जाती है। इससे छोटे-छोटे घाव बनने की संभावना बढ़ जाती है, जो पेशाब के दौरान दर्द का कारण बन सकते हैं।
