Cyclone Arnab: भारत में दस्तक दे सकता है साल का पहला तूफान? बंगाल की खाड़ी में गहरा दबाव, ओडिशा-आंध्र में अलर्ट

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नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में बना गहरे दबाव का क्षेत्र अब भारत के पूर्वी तटीय इलाकों में मौसम बदलने लगा है। इसके चक्रवात में बदलने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसके चक्रवात बनने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अगर यह सिस्टम चक्रवात में बदलता है तो इसका नाम ‘अर्नब’ रखा जाएगा। फिलहाल ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

चक्रवात बनने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं

बंगाल की खाड़ी में बना मौसम तंत्र इस समय गहरे दबाव की श्रेणी में है। इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक यह 23 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश तथा दक्षिणी ओडिशा के तट को पार कर सकता है।

हालांकि, मौसम विभाग ने अभी इसे चक्रवात घोषित नहीं किया है। ऐसे में यह जरूरी नहीं है कि मौजूदा गहरा दबाव चक्रवात में तब्दील हो।

ओडिशा में 7 जिलों में स्कूल बंद

मौसम प्रणाली के संभावित असर को देखते हुए ओडिशा में कम से कम 7 जिलों में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं और संवेदनशील इलाकों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

गंजम के कलेक्टर वी कीर्ति वासन ने बताया कि अधिकारियों ने कई चक्रवात केंद्रों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और लोगों को मौसम की स्थिति के बारे में जानकारी दी।

23 से 25 सितंबर तक रेड अलर्ट

दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों के लिए 23 से 25 सितंबर तक रेड अलर्ट जारी किया गया है। 23 और 24 सितंबर को कोरापुट, गजपति और गंजाम में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है।

इसके अलावा कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए 24 और 25 सितंबर को रेड अलर्ट जारी किया गया है।

75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा

आईएमडी के मुताबिक 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय तथा आसपास के समुद्री इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इनकी अधिकतम रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

ओडिशा के मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि मौसम विभाग ने सिस्टम के गहरे दबाव में बदलने का पूर्वानुमान जताया था, लेकिन चक्रवात बनने की पुष्टि नहीं की थी। उन्होंने बताया कि तटीय और दक्षिणी इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं से निपटने के लिए कर्मचारियों और मशीनरी को तैनात किया गया है।

आंध्र प्रदेश में भी तैयारियां तेज

मौसम प्रणाली के आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को प्रभावित करने की आशंका है। इसके संभावित मार्ग में विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच का क्षेत्र बताया गया है।

आंध्र प्रदेश सरकार ने भी एहतियाती कदम बढ़ा दिए हैं। मंत्री वी अनिता ने अधिकारियों को नियंत्रण कक्ष शुरू करने और मौसम की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

अभी ‘अर्नब’ नाम की आधिकारिक पुष्टि बाकी

मौजूदा सिस्टम के चक्रवात में बदलने पर इसका नाम ‘अर्नब’ रखा जाएगा। फिलहाल मौसम विभाग की ओर से चक्रवात बनने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अभी इसका प्रमुख असर ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश तथा तेज झोंकेदार हवाओं के रूप में देखने को मिल सकता है।

 

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