फीफा वर्ल्ड कप से पहले अमेरिका का सख्त रुख, ईरान को चेतावनी- ‘IRGC से जुड़े लोगों को एंट्री नहीं’

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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच आगामी फीफा वर्ल्ड कप को लेकर अमेरिका ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि ईरान की टीम को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों और अधिकारियों के साथ आने वाले लोगों को लेकर कड़ी शर्तें लागू होंगी।

खिलाड़ियों पर नहीं, साथ आने वालों पर आपत्ति
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने साफ कहा कि ईरानी खिलाड़ियों के प्रवेश पर कोई रोक नहीं है, लेकिन उनके साथ ऐसे लोगों को आने की अनुमति नहीं दी जाएगी जिनका संबंध इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से हो। उन्होंने कहा कि समस्या खिलाड़ियों से नहीं, बल्कि उन व्यक्तियों से है जो अलग पहचान के साथ आने की कोशिश कर सकते हैं।

‘IRGC से जुड़े लोगों को नहीं मिलेगी इजाजत’
रूबियो ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ऐसे किसी भी समूह को देश में प्रवेश की अनुमति नहीं देगा जो IRGC से जुड़ा हो और खुद को पत्रकार या सपोर्ट स्टाफ बताकर आने की कोशिश करे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में या तो उन्हें रोका जाएगा या फिर वे खुद ही आने से पीछे हट सकते हैं।

ट्रंप ने भी दिए सख्त संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन खिलाड़ियों पर कोई असर नहीं डालना चाहता, लेकिन सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इटली को शामिल करने का सुझाव, लेकिन प्रस्ताव खारिज
इस बीच, ट्रंप के एक विशेष दूत पाओलो ज़म्पोली ने कथित तौर पर सुझाव दिया था कि वर्ल्ड कप में ईरान की जगह इटली को शामिल किया जाए। हालांकि, इस प्रस्ताव को इटली के एक अधिकारी ने ठुकरा दिया है।

तय कार्यक्रम के अनुसार खेलेगा ईरान
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ईरान की टीम 16 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद वह बेल्जियम से भिड़ेगी और 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ मुकाबले के साथ अपने ग्रुप चरण के मैच पूरे करेगी।

 

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