बांग्लादेश में फिर हिंदू शख्स की लिंचिंग: दवा विक्रेता को पहले मारा, फिर जिंदा जलाने की कोशिश
ढाका: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाओं का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। शरियतपुर जिले में 50 वर्षीय हिंदू दवा विक्रेता खोकन दास पर 31 दिसंबर को बेहद हिंसक हमला हुआ। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पहले उनके शरीर पर धारदार हथियारों से वार किया गया, फिर उन्हें बेरहमी से पीटा गया और अंततः पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई। गंभीर रूप से घायल खोकन दास का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।
इससे पहले 18 दिसंबर 2025 को मयमनसिंह जिले के भालुका में हिंदू गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास पर ईशनिंदा के झूठे आरोप लगाकर भीड़ ने हमला किया। उन्हें पीट-पीट कर पेड़ से लटकाया गया और शरीर पर आग लगाने की कोशिश की गई, जिससे उनकी मौत हो गई। जांच में आरोप साबित नहीं हुए और पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया।
इसके अलावा, 28 दिसंबर को पिरोजपुर जिले के दुमरितला गांव में हिंदू परिवारों के घरों पर आगजनी की कोशिश की गई। चट्टोग्राम के रावजान क्षेत्र में भी कई हिंदू घरों को निशाना बनाया गया, जहां परिवारों को दरवाजे बंद करने के बावजूद जलाने की कोशिश हुई, लेकिन वे सुरक्षित बच निकले।
विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा में लगातार वृद्धि हो रही है। मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल में ऐसी घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी है। भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार जारी शत्रुता पर गंभीर चिंता जताई है और कहा कि वह पड़ोसी देश में हो रही घटनाओं पर कड़ी नजर रख रहा है।
