नेपाल ने वर्ल्ड कप में जीता दिल, पहले ही मैच के बाद मिला सबसे बड़ा ऑफर—डेल स्टेन बोले: कोचिंग को तैयार हूं!
नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में नेपाल ने भले ही अपने पहले मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 4 रनों से हार झेली हो, लेकिन उनका जुझारूपन और निडर क्रिकेट पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले के बाद नेपाल क्रिकेट को ऐसा ऑफर मिला है, जो किसी सपने से कम नहीं—दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज और कभी दुनिया के नंबर-1 बॉलर रहे डेल स्टेन ने नेपाल टीम को कोचिंग देने की पेशकश कर दी है।
डेल स्टेन का खुला ऑफर, सोशल मीडिया पर मच गया तहलका
इंग्लैंड जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ नेपाल के बेखौफ प्रदर्शन से प्रभावित होकर डेल स्टेन ने सोशल मीडिया पर लिखा,
“नेपाल, अगर तुम्हें कभी मेरी जरूरत हो, तो मैं अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हूं! बस आगे और ऊपर बढ़ते रहो।”
स्टेन की इस पोस्ट के बाद नेपाली क्रिकेट जगत में उत्साह की लहर दौड़ गई। नेपाल के तेज गेंदबाज नंदन यादव ने इसे गर्व का पल बताते हुए कहा कि जिस गेंदबाज ने एक दशक तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर राज किया, उसका इस तरह समर्थन करना हमारे लिए बहुत बड़ी बात है।
नंदन यादव का कहर, इंग्लैंड के सितारे ढेर
मैच में नंदन यादव नेपाल की जीत की उम्मीदों की सबसे बड़ी वजह बने। उन्होंने अपने 3 ओवर में सिर्फ 25 रन देकर इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर और स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक जैसे दो खतरनाक विकेट झटके। एक समय इंग्लैंड 200 के पार जाता दिख रहा था, लेकिन नंदन की धारदार गेंदबाजी ने उन्हें 184/7 पर रोक दिया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए नेपाल ने दिखाया जिगर
185 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए नेपाल ने हार नहीं मानी। कुशल भुर्तेल की तेज शुरुआत, फिर कप्तान रोहित पौडेल और दीपेंद्र सिंह ऐरी की दमदार साझेदारी ने मैच को आखिरी गेंद तक पहुंचा दिया। अंतिम ओवर में 10 रन चाहिए थे और पूरा वानखेड़े स्टेडियम “नेपाल-नेपाल” के नारों से गूंज रहा था। हालांकि, सैम करन की सधी हुई गेंदबाजी के आगे नेपाल 4 रन से पीछे रह गया।
क्या नेपाल के मेंटर बनेंगे डेल स्टेन?
अब सवाल यही है कि क्या नेपाल क्रिकेट संघ (CAN) डेल स्टेन के इस प्रस्ताव को स्वीकार करेगा? नंदन यादव ने इस पर कहा कि यह फैसला टीम मैनेजमेंट और बोर्ड का होगा। लेकिन इतना तय है कि स्टेन जैसे दिग्गज का मार्गदर्शन नेपाल जैसे उभरते क्रिकेट राष्ट्र के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
हार के बावजूद, इंग्लैंड जैसी पूर्व चैंपियन टीम को आखिरी ओवर तक खींच ले जाना नेपाल के लिए किसी जीत से कम नहीं। वर्ल्ड कप में यह प्रदर्शन साफ संकेत है—नेपाल अब सिर्फ भाग लेने नहीं, मुकाबला जीतने आया है।
