‘पतंग से प्यार ठीक, लेकिन चाइनीज मांझा है मौत का धागा’— CM योगी ने बच्चों को लिखी ‘योगी की पाती’, मोबाइल की लत पर भी दी सख्त नसीहत

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बच्चों के नाम एक भावनात्मक और संदेशात्मक पत्र लिखा है, जिसे ‘योगी की पाती’ नाम दिया गया है। इस विशेष पत्र में मुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर तीन अहम मुद्दों पर खुलकर बात की है। खास तौर पर चाइनीज मांझे के खतरे और मोबाइल की बढ़ती लत पर उन्होंने गहरी चिंता जाहिर करते हुए बच्चों से जिम्मेदारी निभाने की अपील की है।

चाइनीज मांझे से दूरी बनाएं, यह कानूनन अपराध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्र में साफ शब्दों में लिखा है कि पतंग उड़ाना आनंददायक है, लेकिन चाइनीज मांझा बेहद खतरनाक और जानलेवा है। उन्होंने बच्चों को आगाह किया कि तेज धार वाला यह मांझा न केवल पक्षियों बल्कि इंसानों के लिए भी जान का खतरा बन चुका है। सीएम ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे खुद इसका इस्तेमाल न करें, दोस्तों को भी जागरूक करें और यदि कहीं इसकी बिक्री होती दिखे तो परिजनों के माध्यम से पुलिस को सूचना दें।

मोबाइल की लत चुरा रही है बचपन और समय
‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने बच्चों में मोबाइल फोन की बढ़ती लत पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने लिखा कि मोबाइल बच्चों का कीमती समय चुपचाप निगल रहा है। गेम और रील देखने के चक्कर में कई घंटे बर्बाद हो जाते हैं, आंखें कमजोर होती हैं और पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है। सीएम योगी ने बच्चों को मोबाइल की जगह किताबों से दोस्ती करने, खेलकूद में हिस्सा लेने और परिवार के साथ समय बिताने की सलाह दी। उन्होंने साफ कहा कि मोबाइल का इस्तेमाल सीमित और जरूरत के मुताबिक ही होना चाहिए।

बोर्ड परीक्षार्थियों को मिला ‘गीता मंत्र’
आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने छात्रों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने बच्चों से बिना डर और घबराहट के परीक्षा देने की अपील की। सीएम योगी ने कहा कि प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ें, आत्मविश्वास के साथ उत्तर लिखें और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का उल्लेख करते हुए समझाया कि मनुष्य का अधिकार केवल कर्म पर है, परिणाम पर नहीं। पूरे साल की मेहनत और अनुशासन ही सबसे बड़ी पूंजी है।

‘आपकी सुरक्षा और सफलता हमारी प्राथमिकता’
पत्र के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों की सुरक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और सफलता को सरकार की प्राथमिकता बताया और सभी विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं के लिए हृदय से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।

 

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