राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सियासत तेज! सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग, अखिलेश बोले- ‘अलौकिक शक्ति ने दिखाया चमत्कार’
लखनऊ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच और गिरफ्तारियों के बीच अब राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने मामले की उच्चस्तरीय और न्यायिक जांच की मांग उठाई है। अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा है कि यह मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान ले, कमेटी गठित करे: अवधेश प्रसाद
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अवधेश प्रसाद ने कहा कि देशभर से श्रद्धालु भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए अयोध्या आते हैं और मंदिर में चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में यह मामला बेहद गंभीर है।
उन्होंने कहा कि यह साधारण चोरी का मामला नहीं माना जा सकता। समाजवादी पार्टी शुरू से इस प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रही है। उन्होंने आग्रह किया कि सर्वोच्च न्यायालय स्वयं इस मामले का संज्ञान लेकर एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन करे, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
इस्तीफों को लेकर भी उठाए सवाल
अवधेश प्रसाद ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय और ट्रस्टी पद से अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच शुरू होने के साथ ही जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए था। उनके अनुसार, पूरे मामले की गहराई से जांच होना आवश्यक है ताकि सभी तथ्यों का खुलासा हो सके।
अखिलेश यादव का बीजेपी पर तीखा हमला
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। सोशल मीडिया पर किए गए अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि अयोध्या से ही सत्ता के अहंकार का अंत होगा और आस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर तंज कसते हुए कहा कि जब गिनती और हिसाब-किताब में ही सवाल खड़े हो जाएं तो पूरे तंत्र पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मामले की पारदर्शी जांच की मांग भी दोहराई।
मामले में अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
जांच एजेंसियों की कार्रवाई के तहत अब तक सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अदालत में पेशी के दौरान पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में आरोपियों के खिलाफ चोरी से जुड़े साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से सात के पास से अब तक करीब 79 लाख 84 हजार रुपये बरामद किए जा चुके हैं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की गई है।
45 दिनों की फुटेज बनी जांच का आधार
जांच टीम ने 27 अप्रैल से 5 जून के बीच की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया है। सूत्रों के मुताबिक इसी अवधि की फुटेज में कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की पड़ताल कर रही हैं।
अब इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होने वाली है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर यह मामला लगातार चर्चा के केंद्र में बना हुआ है।
