कमरे में प्रेमी संग मिली बहन, भाइयों ने पीट-पीटकर की हत्या, शव बोरे में भरकर नदी किनारे किया दफन
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से रिश्तों और भरोसे को झकझोर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पाकबड़ा थाना क्षेत्र के उमरी सब्जीपुर गांव में 19 वर्षीय काजल सैनी और 27 वर्षीय मोहम्मद अरमान की बेरहमी से हत्या कर दी गई। दोनों पिछले करीब दो साल से प्रेम संबंध में थे। पुलिस के मुताबिक, काजल के भाइयों ने दोनों को कमरे में साथ पकड़ लिया और इसके बाद पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद शवों को बोरियों में भरकर गगन नदी के किनारे एक मंदिर के पास दफना दिया गया।
घर में मिलने पहुंचा था अरमान, तभी खुला राज
पुलिस जांच में सामने आया है कि मोहम्मद अरमान काजल से मिलने उसके भाइयों के घर पहुंचा था। इसी दौरान एक भाई ने दोनों को साथ देख लिया और बाकी भाइयों को बुला लिया। इसके बाद तीनों भाइयों ने कमरे में घुसकर काजल और अरमान पर हमला कर दिया। आरोप है कि एक भाई फावड़ा लेकर आया और अरमान पर वार किया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
मदद के लिए भागी काजल, रास्ते में ही कर दी हत्या
पुलिस के अनुसार, अरमान पर हमला होते देख काजल मदद के लिए बाहर की ओर भागी, लेकिन भाइयों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि उसी फावड़े से काजल पर भी वार किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दोनों की हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को बोरे में भरकर गांव के पास गगन नदी के किनारे एक मंदिर के पास दफना दिया।
गांव में कभी नहीं रहा सांप्रदायिक तनाव
काजल सैनी और मोहम्मद अरमान के घरों के बीच महज कुछ सौ मीटर की दूरी थी। सैनी और मुस्लिम आबादी वाला यह गांव वर्षों से आपसी भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, यहां कभी सांप्रदायिक तनाव का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया। बुधवार को जब गांव के पास नदी किनारे दोनों के शव दफन हालत में मिले, तो पूरे इलाके में सन्नाटा फैल गया।
तीनों भाई गिरफ्तार, मकान पड़ा वीरान
पुलिस ने काजल के तीनों भाइयों राजाराम, सतीश और रिंकू सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, सोमवार तड़के दोनों की हत्या की गई। जिस दो मंजिला मकान में वारदात को अंजाम दिया गया, वह अब पूरी तरह वीरान पड़ा है। काजल उसी रात अपने भाइयों के साथ इसी घर में रुकी थी, जबकि उसके माता-पिता खेतों के पास रहते हैं।
सऊदी से लौटा था अरमान, गांव में शुरू कर रहा था काम
मोहम्मद अरमान के बड़े भाई फरमान अली ने बताया कि अरमान चार महीने पहले ही सऊदी अरब से लौटा था, जहां वह केएफसी में काम करता था। भारत लौटने के बाद वह गांव में फर्नीचर बनाने का काम शुरू कर रहा था। वहीं, काजल सैनी बारहवीं तक पढ़ी थी और गांव के एक स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थी।
गुमशुदगी से खुला हत्या का राज
एसएसपी मुरादाबाद सतपाल अंतिल के अनुसार, दोनों पिछले करीब दो साल से रिश्ते में थे, लेकिन गांव वालों को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस को मामले की जानकारी तब मिली जब मंगलवार को अरमान के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। उसी दिन काजल के परिजनों ने भी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई, लेकिन पुलिस का कहना है कि उन्होंने जांच को गुमराह करने की कोशिश की।
जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाकर भटकाने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, काजल के परिजनों ने दावा किया कि अरमान काजल का अपहरण कर धर्म परिवर्तन के बाद शादी करने वाला था। हालांकि जांच में यह दावा गलत पाया गया। फिलहाल अरमान के घर के बाहर सुरक्षा के लिहाज से एक पुलिसकर्मी तैनात किया गया है।
परिवारों में मातम, गांव में पसरा सन्नाटा
अरमान के भाई फरमान अली का कहना है कि परिवार को रिश्ते की जानकारी हाल ही में हुई थी। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी को जब अरमान घर नहीं लौटा, तभी अनहोनी की आशंका होने लगी थी, लेकिन किसी ने भी इस तरह के खौफनाक अंत की कल्पना नहीं की थी।
