अजित पवार प्लेन क्रैश की CBI जांच की मांग, सुनेत्रा पवार ने CM फडणवीस से की मुलाकात
मुंबई में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद अब सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) ने इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग उठाई है। अजित पवार की पत्नी और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर CBI जांच की औपचारिक मांग की।
मंगलवार को सुनेत्रा पवार ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में एनसीपी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, वरिष्ठ मंत्री हसन मुश्रीफ और अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार शामिल थे। परिवार और पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री को औपचारिक निवेदन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।
सुनील तटकरे ने दी जानकारी
एनसीपी (अजित गुट) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बताया कि सुनेत्रा पवार, प्रफुल्ल पटेल, हसन मुश्रीफ और पार्थ पवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दादा की आकस्मिक मृत्यु के संदर्भ में CBI जांच की मांग का ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन
सुनील तटकरे के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री को इस संबंध में आधिकारिक पत्र भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जिस तरह की जांच चाहती है, उस पर संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बारामती में हुआ था भीषण हादसा
गौरतलब है कि 28 जनवरी 2026 को पुणे जिले के बारामती में एक विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन हो गया था। वह मुंबई से चार्टर्ड विमान Learjet 45 (VT-SSK) से बारामती में जनसभाओं को संबोधित करने जा रहे थे। सुबह करीब 8:46 बजे बारामती एयरपोर्ट के रनवे-11 पर लैंडिंग के दूसरे प्रयास के दौरान विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और खुले मैदान में क्रैश होकर आग की लपटों में घिर गया। टकराते ही विमान में कई धमाके हुए, जिससे किसी को बचाने का अवसर नहीं मिल सका।
अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत
इस हादसे में अजित पवार के अलावा उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, एक सहायक और चालक दल के दो सदस्य—पायलट सुमित कपूर तथा को-पायलट शांभवी पाठक—की भी मौत हो गई थी। शुरुआती रिपोर्ट्स में दुर्घटना की संभावित वजह कम दृश्यता और घना कोहरा बताया गया था। अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया था और बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
