बदल जाएगा यूपी का नक्शा! 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट और 22 एक्सप्रेसवे के साथ देश में रचेगा नया रिकॉर्ड
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर बड़ी तस्वीर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार कनेक्टिविटी को विकास की रीढ़ बनाकर आगे बढ़ रही है। लक्ष्य साफ है—प्रदेश का कोई भी कस्बा या जिला अलग-थलग न रहे, बल्कि एक्सप्रेसवे और एयर कनेक्टिविटी के जरिए राजधानी, औद्योगिक केंद्रों और वैश्विक बाजारों से सीधे जुड़ा हो। इसी रणनीति के तहत यूपी बुनियादी ढांचे में ऐसा इतिहास रचने जा रहा है, जो देश में मिसाल बनेगा।
12 नए एक्सप्रेसवे से रफ्तार को मिलेगा पंख
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 7 एक्सप्रेसवे पर यातायात सुचारू रूप से चल रहा है, जबकि 3 अन्य एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इन तीनों के चालू होते ही प्रदेश में 10 एक्सप्रेसवे हो जाएंगे। लेकिन सरकार की दीर्घकालिक योजना यहीं नहीं रुकती। प्रस्तावित 12 नए एक्सप्रेसवे जमीन पर उतरते ही यूपी कुल 22 एक्सप्रेसवे वाला देश का इकलौता राज्य बन जाएगा।
आर्थिक मजबूती और निवेश को मिलेगा बड़ा बूस्ट
यह केवल सड़कों का विस्तार नहीं, बल्कि व्यापार, उद्योग और सप्लाई चेन को मजबूत करने की रणनीति है। बेहतर कनेक्टिविटी से राज्य के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंच आसान होगी, जिससे निवेश आकर्षित होगा। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
हवाई कनेक्टिविटी में भी यूपी बनाएगा कीर्तिमान
जमीन के साथ-साथ आसमान में भी उत्तर प्रदेश अपनी ताकत बढ़ाने जा रहा है। फिलहाल राज्य में 16 हवाई अड्डे संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं। जल्द ही जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने वाला है, जो प्रदेश का 17वां हवाई अड्डा होगा।
5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला पहला राज्य बनेगा यूपी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होते ही उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जिसके पास 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे। सरकार की यह दोहरी रणनीति—एक तरफ एक्सप्रेसवे का मजबूत नेटवर्क और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स—यूपी को ग्लोबल बिजनेस और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है।
