नवरात्रि में मां दुर्गा को फूल चढ़ाते समय न करें ये गलती! तुलसी से लेकर धतूरे तक, जानें किन चीजों से करना चाहिए परहेज

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नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के दौरान फूलों का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त माता रानी को लाल गुड़हल, गुलाब और सुगंधित फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी की पूजा में फूलों और पत्तियों का चयन करते समय कुछ परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए। तुलसी, दूर्वा, आक और धतूरे जैसी सामग्रियों को लेकर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इसके अलावा मुरझाए और जमीन पर गिरे फूल भी पूजा के लिए उचित नहीं माने जाते हैं।

मां दुर्गा को तुलसी और दूर्वा चढ़ाने से क्यों बचते हैं?

हिंदू धर्म में तुलसी को विशेष पवित्र माना जाता है और इसे भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है। वहीं, दूर्वा घास भगवान गणेश की पूजा में प्रमुखता से इस्तेमाल होती है। कुछ धार्मिक परंपराओं में मां दुर्गा की पूजा के दौरान तुलसी पत्र और दूर्वा अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसी मान्यताओं के अनुसार, देवी की आराधना में निर्धारित फूलों और पूजन सामग्री का उपयोग करना उचित माना जाता है।

आक, धतूरा और कनेर के फूलों को लेकर क्या है मान्यता?

आक यानी मदार और धतूरे के फूल मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा से जुड़े माने जाते हैं। इसी वजह से कुछ धार्मिक परंपराओं में इन्हें मां दुर्गा को अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है। कनेर के फूलों को लेकर भी कुछ स्थानों पर ऐसी मान्यताएं प्रचलित हैं।

नवरात्रि में फूल चुनते समय अपनी पारिवारिक और स्थानीय धार्मिक परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए। मां दुर्गा की पूजा में लाल गुड़हल और लाल गुलाब के फूल विशेष रूप से अर्पित किए जाते हैं।

हारसिंगार और तगर के फूलों को लेकर भी जानें मान्यता

कुछ धार्मिक परंपराओं में हारसिंगार और तगर के फूलों को मां दुर्गा की पूजा में अर्पित करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, फूलों के इस्तेमाल से जुड़े नियम अलग-अलग क्षेत्रों और पूजा पद्धतियों में भिन्न हो सकते हैं। इसलिए पूजा करते समय स्थानीय मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार निर्णय लेना उचित माना जाता है।

फूलों की स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी है। देवी को अर्पित करने के लिए ताजे और साफ फूलों का चयन करें। ऐसे फूलों का इस्तेमाल करने से बचें, जिनमें सड़न हो या जो गंदगी के संपर्क में आए हों।

मां दुर्गा को फूल चढ़ाते समय इन बातों का रखें ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी की पूजा में फूलों की पवित्रता और स्वच्छता का विशेष महत्व होता है। पूजा के लिए मुरझाए हुए, जमीन पर गिरे या अपवित्र स्थानों पर उगे फूलों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। फूलों की पंखुड़ियां खराब हों या उनमें सड़न दिखाई दे, तो उन्हें भी पूजा में शामिल नहीं करना चाहिए।

फूल तोड़ते समय साफ हाथों का इस्तेमाल करें और देवी को अर्पित करने से पहले उनकी स्थिति जांच लें। पूजा सामग्री का चयन करते समय संबंधित धार्मिक परंपराओं का पालन करना उचित माना जाता है।

मां दुर्गा को प्रिय माने जाते हैं ये फूल और पूजन सामग्री

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के लिए लाल गुड़हल और लाल गुलाब के फूल विशेष रूप से अर्पित किए जाते हैं। इनके अलावा लाल चुनरी, सिंदूर, मेहंदी, लौंग और शहद जैसी पूजन सामग्री का भी धार्मिक महत्व माना जाता है।

भक्त इन सामग्रियों को श्रद्धापूर्वक माता रानी के चरणों में अर्पित करते हैं। पूजा में स्वच्छता, श्रद्धा और अपनी धार्मिक परंपराओं का ध्यान रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

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